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पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का बड़ा दावा, अमेरिकी-इजराइली हवाई हमलों में ईरान की 70 प्रतिशत स्टील क्षमता नष्ट

जराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को वीडियो बयान में दावा किया कि अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमलों में ईरान की 70% स्टील उत्पादन क्षमता पूरी तरह नष्ट हो गई है।
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Apr 03, 2026
Benjamin Netanyahu warning iran third trike.
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू। (इमेज सोर्स: ANI)

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को एक वीडियो बयान में दावा किया कि अमेरिका और इजराइल के मिले-जुले हवाई हमलों से ईरान की 70 फीसदी स्टील उत्पादन क्षमता पूरी तरह नष्ट हो चुकी है।

यह कोई छोटा दावा नहीं है। स्टील किसी भी देश की रीढ़ होती है। हथियार बनाने से लेकर पुल और इमारतें खड़ी करने तक हर जगह स्टील चाहिए। और नेतन्याहू कह रहे हैं कि ईरान की यह रीढ़ अब टूट चुकी है।

नेतन्याहू ने क्या कहा?

नेतन्याहू ने शुक्रवार को जारी वीडियो में कहा कि हम ईरानी कमांडरों को खत्म कर रहे हैं, पुलों पर बमबारी कर रहे हैं और इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर रहे हैं।

उन्होंने इसे एक बहुत बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि इन हमलों की वजह से ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के पास न तो पैसा बचेगा और न ही वो अपने हथियार बना पाएंगे। सीधी भाषा में कहें तो इजराइल ईरान को आर्थिक और सैन्य दोनों मोर्चों पर एक साथ कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।

स्टील प्लांट पर हमला, क्या कहता है अंतरराष्ट्रीय युद्ध कानून?

अंतरराष्ट्रीय युद्ध कानूनों के मुताबिक, स्टील प्लांट जैसी नागरिक औद्योगिक जगहों पर हमला करना तब तक मना है जब तक साबित न हो जाए कि उनका इस्तेमाल सीधे फौजी कामों के लिए हो रहा है।

इजराइल का तर्क है कि ईरान के ये स्टील प्लांट रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के हथियार बनाने में मदद करते हैं। इसीलिए उन्हें वैध निशाना माना गया। लेकिन दुनिया के कई देश और मानवाधिकार संगठन इस तर्क से सहमत नहीं हैं।

ईरान पर असर कितना गहरा होगा?

स्टील उत्पादन में 70 फीसदी की गिरावट ईरान की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत बड़ा झटका है। ईरान वैसे भी अमेरिकी प्रतिबंधों की मार झेल रहा है। ऊपर से अब उसका औद्योगिक ढांचा तबाह हो रहा है।

इसका असर सिर्फ ईरानी फौज पर नहीं पड़ेगा। आम ईरानी नागरिकों की जिंदगी पर भी इसका सीधा असर होगा। निर्माण काम रुकेंगे, रोजगार जाएगा और महंगाई और बढ़ेगी।

यह सिर्फ ईरान की लड़ाई नहीं रही

अमेरिका और इजराइल का साथ मिलकर ईरान पर हमला करना बताता है कि यह अब सिर्फ दो देशों की लड़ाई नहीं रही। दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य ताकत अमेरिका अब सीधे मैदान में है।

ऐसे में ईरान के पास विकल्प कम होते जा रहे हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है, स्टील उद्योग तबाह है और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के संसाधन घटते जा रहे हैं।

नेतन्याहू जिसे उपलब्धि बता रहे हैं वो असल में एक पूरे देश को घुटनों पर लाने की कोशिश है। और यह कोशिश अभी रुकने के कोई आसार नहीं दिख रहे।

Updated on:
03 Apr 2026 07:43 pm
Published on:
03 Apr 2026 07:40 pm
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