
ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा अली खामेनेई और अमेरिकन प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप ( फोटो : @PatrikaNews)
B-2 Stealth Bomber: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब एक बहुत खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिका की ओर से 'बी-2' स्टील्थ बॉम्बर के ताजा परीक्षण से पूरी दुनिया की धड़कनें बढ़ गई हैं। इस बड़े सैन्य कदम के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने अगले दो दिनों के अपने सभी तय कार्यक्रम अचानक रद्द कर दिए हैं। ट्रंप के इस फैसले के बाद कूटनीतिक हलकों में यह आशंका गहरी हो गई है कि अमेरिका, ईरान पर एक और बड़ा हमला कर सकता है।
अमेरिका की इस आक्रामक रणनीति के बीच ईरान ने भी अपने तेवर कड़े कर लिए हैं। ईरानी नेतृत्व ने साफ शब्दों में अमेरिका को चेतावनी दी है कि उनकी किसी भी हरकत को हल्के में नहीं लिया जाएगा और उसका करारा जवाब दिया जाएगा। ईरान ने दो टूक कहा है कि वह किसी भी दबाव में अपने अधिकारों से पीछे नहीं हटेगा। ईरानी संसद के स्पीकर ने तो सीधे तौर पर राष्ट्रपति ट्रंप पर निशाना साधते हुए उन्हें 'मूर्ख' तक करार दे दिया। ईरानी नेतृत्व का दावा है कि अगर युद्ध भड़कता है, तो इस जंग में डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिका को केवल हार का ही सामना करना पड़ेगा।
इस भारी तनाव के बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने ईरान का दौरा किया है। मुनीर ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और अन्य शीर्ष नेताओं से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान ईरानी नेताओं ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख से साफ कहा कि वे अपनी संप्रभुता और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। इस मुलाकात को क्षेत्रीय सुरक्षा और मध्य पूर्व में बन रहे नए कूटनीतिक समीकरणों के लिहाज से बहुत अहम माना जा रहा है।
अमेरिका के इस कदम पर मध्य पूर्वी देशों और वैश्विक रक्षा विशेषज्ञों में भारी चिंता है। रक्षा जानकारों का मानना है कि 'बी-2' बॉम्बर का परीक्षण एक साफ संदेश है कि अमेरिका जरूरत पड़ने पर ईरान के भूमिगत सैन्य ठिकानों को भी निशाना बना सकता है। वहीं, ईरान के आक्रामक बयानों ने यह दिखा दिया है कि वह झुकने के बजाय आर-पार की लड़ाई के लिए तैयार है।
अब पेंटागन और व्हाइट हाउस की आगामी प्रेस ब्रीफिंग पर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। यह देखना अहम होगा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से अपने कार्यक्रम रद्द करने के बाद क्या कोई आपातकालीन सुरक्षा बैठक बुलाई जाती है। साथ ही, आसिम मुनीर की ईरान यात्रा के बाद पाकिस्तान का इस पूरे विवाद में क्या आधिकारिक रुख रहता है, इस पर भी नजर रखी जाएगी।
बहरहाल, इस पूरे विवाद का सीधे तौर पर वैश्विक बाजार पर असर पड़ सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच अगर सैन्य टकराव बढ़ता है, तो होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापार बाधित हो सकता है, जिससे दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में बेतहाशा उछाल आने की पूरी संभावना है।
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Updated on:
23 May 2026 06:21 pm
Published on:
23 May 2026 06:20 pm
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