Indian Diaspora: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया में भारतीय मूल के नेताओं और आजाद हिंद फौज के वयोवृद्ध सिपाही से मुलाकात की। साथ ही मलेशिया में यूपीआई और फ्री वीजा जैसी सुविधाओं का ऐलान किया।
INA Veteran: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मलेशिया दौरे (Malaysia Visit)का रविवार का दिन बहुत खास और भावनात्मक पलों से भरा हुआ रहा। कुआलालंपुर में उन्होंने न केवल रणनीतिक साझेदारियों को मजबूती दी, बल्कि भारतीय मूल के लोगों और इतिहास के उन पन्नों को भी याद किया, जो भारत की आजादी से जुड़े हुए हैं। पीएम मोदी (PM Modi) ने रविवार को मलेशियाई सरकार में शामिल भारतीय मूल के मंत्रियों और सीनेटरों से मुलाकात की और सार्वजनिक जीवन में उनकी उपलब्धियों की जम कर तारीफ की।
दिन का सबसे यादगार पल वह था, जब पीएम मोदी आजाद हिंद फौज (INA) के वयोवृद्ध सिपाही (Veteran) जयराज राजा राव से मिले। इस मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर एक तस्वीर साझा की और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विरासत को नमन किया।
पीएम मोदी ने लिखा, "आईएनए के दिग्गज जयराज राजा राव से मिलना बहुत खास था। उनका जीवन अदम्य साहस और बलिदान का प्रतीक है। उनके अनुभवों को सुनना प्रेरणादायक था। हम नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आईएनए के उन बहादुर महिलाओं और पुरुषों के हमेशा ऋणी रहेंगे, जिनकी वीरता ने भारत के भाग्य को संवारने में मदद की।"
इससे पहले, पीएम मोदी ने मलेशियाई कैबिनेट और संसद में शामिल भारतीय मूल (PIO) के नेताओं के साथ बातचीत की। उन्होंने कहा कि इन नेताओं का भारत के प्रति गहरा भावनात्मक जुड़ाव साफ दिखाई देता है। पीएम ने कहा कि एक दूसरे देश में जाकर वहां की जनता की सेवा करना और इतने ऊंचे पदों पर पहुंचना हर भारतीय के लिए गर्व की बात है।
भावनात्मक मुलाकातों के अलावा, कूटनीति के मोर्चे पर भी रविवार का दिन अहम रहा। पीएम मोदी ने मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहीम से उनके आधिकारिक आवास 'सेरी परदाना' में मुलाकात की। दोनों नेताओं ने इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी और बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में विकास सहयोग की समीक्षा की। सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि दोनों देश अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर और डिफेंस टेक्नोलॉजी में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया समुद्री पड़ोसी हैं और हमारी दोस्ती पुरानी है।
पीएम मोदी ने बताया कि लोगों के बीच संपर्क (People-to-People linkages) भारत-मलेशिया दोस्ती की धुरी है। उन्होंने तीन बड़ी घोषणाएं कीं:
सामाजिक सुरक्षा समझौता (Social Security Agreement): जिससे कामगारों को फायदा होगा।
फ्री ई-वीजा: पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए।
यूपीआई (UPI): जल्द ही मलेशिया में भारत का यूपीआई सिस्टम काम करेगा, जिससे भुगतान आसान होगा।
पीएम मोदी ने शनिवार को भी प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए याद दिलाया था कि कैसे उनके पूर्वजों ने भारत को देखे बिना ही नेताजी की फौज में शामिल होकर आजादी की लड़ाई लड़ी थी। इसी सम्मान में मलेशिया के 'इंडियन कल्चरल सेंटर' का नाम बदलकर 'नेताजी सुभाष चंद्र बोस' के नाम पर रखा गया है।
पीएम मोदी द्वारा INA के योगदान को याद करने और कल्चरल सेंटर का नाम बदलने से मलेशिया में रहने वाले तमिल और अन्य भारतीय समुदायों में खुशी की लहर है। वयोवृद्ध जयराज राजा राव के परिवार ने इसे एक "ऐतिहासिक सम्मान" बताया है। वहीं, व्यापारिक जगत मलेशिया में यूपीआई आने की खबर से उत्साहित है, क्योंकि इससे दोनों देशों के बीच लेन-देन और पर्यटन बहुत आसान हो जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा सिर्फ कूटनीति तक सीमित नहीं था, बल्कि यह दक्षिण-पूर्व एशिया में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की बिखरी हुई विरासत को समेटने का एक प्रयास भी था। मलेशिया (तत्कालीन मलाया) वह जगह थी जहां से INA को सबसे ज्यादा समर्थन और सैनिक मिले थे। मोदी सरकार द्वारा इस ऐतिहासिक जुड़ाव को पुनर्जीवित करना 'सॉफ्ट पावर' डिप्लोमेसी का एक बेहतरीन उदाहरण है, जो पुराने जज्बात को नये रिश्तों की नींव बना रहा है।