India-US Trade Deal: एक साल के इंतज़ार के बाद आख़िरकार भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील हो गई है। लेकिन इस ट्रेड डील के लिए भारत को अमेरिका के सामने झुकना नहीं पड़ा, बल्कि पीएम नरेन्द्र मोदी के एक मास्टरस्ट्रोक ने सबकुछ बदल दिया।
भारत (India) और अमेरिका (United States Of America) के बीच एक साल के इंतज़ार के बाद ट्रेड डील (India-US Trade Deal) हो गई है। भारतीय पीएम नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के बीच हुई बातचीत के बाद इस ट्रेड डील की घोषणा हुई। इस ट्रेड डील का फायदा दोनों देशों को होगा और कई सेक्टर्स में भारत-अमेरिका के बीच व्यापार बढ़ेगा। हालांकि रूसी तेल की खरीद और टैरिफ की वजह से ट्रेड डील इतने समय से अटकी हुई थी, लेकिन पीएम मोदी के एक मास्टरस्ट्रोक से सबकुछ बदल गया।
कुछ दिन पहले ही यूरोपीय कमीशन (European Commission) की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन (Ursula von der Leyen) और यूरोपीय परिषद (European Council) के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा (António Costa) भारत आए थे और पीएम मोदी से मुलाकात के बाद भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच ऐतिहासिक ट्रेड डील करते हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर सहमति जताई। लगभग दो दशकों की बातचीत के बाद यह समझौता हुआ है, जिसका फायदा भारत और यूरोपीय यूनियन को ज़बरदस्त फायदा होगा। यह समझौता 2026 में लागू होने की उम्मीद है, जो दोनों पक्षों के बीच साझा समृद्धि और मजबूत रणनीतिक साझेदारी का नया अध्याय शुरू करेगा। इस डील को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कहा जा रहा है और इसी से पासा पलट गया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसी डील की वजह से ट्रंप को झुकना पड़ा।
भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से अमेरिका पर दबाव बढ़ गया। ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ की वजह से ट्रंप को न सिर्फ भारत के साथ ट्रेड डील के लिए बल्कि टैरिफ कम करने के लिए भी झुकना पड़ा, क्योंकि ट्रंप जानते हैं कि भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच हुई डील से भारत के लिए यूरोप में नए बाजार खुलेंगे और अमेरिकी बाजार पर निर्भरता कम होगी, जिससे अमेरिका को नुकसान होगा।