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PoK में चुनाव से पहले हिंसा: 30 की मौत; ब्रिटिश सांसदों ने जताई चिंता, भारत ने मानवाधिकार उल्लंघन पर उठाए सवाल

Pakistan occupied Kashmir protests: पीओके में चुनाव से पहले भड़की हिंसा में 30 लोगों की मौत और 200 से ज्यादा घायल हुए, मुजफ्फराबाद व रावलकोट में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। ब्रिटिश सांसदों ने चिंता जताई और भारत ने मानवाधिकार उल्लंघन पर सवाल उठाए।

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Jun 10, 2026
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POK Violence: (Photo- IANS)

PoK violence: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में विधानसभा चुनाव से पहले भड़की हिंसा में अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हैं। मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। रावलकोट में हुए झड़पों के बाद हिंसा मुजफ्फराबाद बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए हैं। इन्हें दबाने के लिए पाकिस्तानी सेना के रेंजर्स भी लगाए गए। बताया जा रहा है कि इन रेंजर्स ने भीड़ पर बिना चेतावनी के सीधे फायर खोल दिया साथ ही आंसूगैस के गोले भी छोड़े। इससे वहां भगदड़ मच गई। पूरे पीओके में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। हताहतों की संख्या और बढ़ सकती है। कई जगहों पर इंटरनेट की बंदी के साथ ही लॉकडाउन व ब्लैकआउट भी करना पड़ा है।

50 ब्रिटिश सांसदों ने लिखा पत्र

पीओके में हिंसा की खबरों पर ब्रिटिश सांसदों ने चिंता जाहिर की है। 50 ब्रिटिश सांसदों ने विदेश मंत्री यवेट कूपर को पत्र लिखा है। सांसद इमरान हुसैन ने ब्रिटिश सरकार से सभी राजनयिक चैनलों का उपयोग करने को कहा है ताकि पीओके के नागरिकों के मानवाधिकारों का सम्मान करते हुए शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके। वहीं ब्रिटेन में स्थित पाकिस्तानी दूतावास के बाहर भी इस हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

पाक सेना और आईएसआई के विरुद्ध आक्रोश

जाइंट आवामी एक्शन कमेटी(जेएएसी) ने मंगलवार को पीओके बंद का आह्वान किया। 27 जुलाई को पीओके में प्रस्तावित चुनाव में 45 में से 12 सीटें शरणार्थियों के लिए आरक्षित करने के विरोध में यह बंद बुलाया गया। इस संगठन को लगातार विरोध के चलते आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया गया है। जेएएसी ने लॉन्ग मार्च टू मुजफ्फराबाद का आयोजन किया इसमें बड़ी संख्या में भीड़ जुटी। रावलकोट में प्रदर्शनकारियों ने पाक सेना प्रमुख और आईएसआई के खिलाफ नारेबाजी की। कई मस्जिदों से भी लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई है।

प्रदर्शनों पर भारत चिंतित, विरोध दर्ज कराया

पीओके में जारी प्रदर्शन और हिंसा पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने चिंता जाहिर की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हम पाकिस्तान की तरफ से फर्जी खबरों और वीडियो का एक सिलसिला लगातार देख रहे हैं। पाक अपनी विफलताओं को छिपाने और मानवाधिकारों के उल्लंघन से ध्यान भटकाने का हताशापूर्ण प्रयास कर रहा है। पीओके में पुलिस बर्बरता की खबरें हैं, इनमें कई प्रदर्शनकारी मारे गए हैं और कई घायल हैं। हम उम्मीद करते हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को उसके बुरे कामों और अत्याचारों के लिए जवाबदेह ठहराएगा।

Published on:
10 Jun 2026 05:01 am
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