Russia-Ukraine War: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सुर बदल गए हैं। अब उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध के बारे में एक बड़ी बात कह दी है। क्या कहा ट्रंप ने? आइए नज़र डालते हैं।
रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) को 41 महीने से ज़्यादा समय हो चुका है। अब तक इस युद्ध की वजह से दोनों देशों को काफी नुकसान हुआ है। रूसी हमलों की वजह से यूक्रेन में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। कई सैनिकों और नागरिकों की मौत हो चुकी है और कई शहरों में तबाही मच चुकी है। रूसी सेना ने भी इस युद्ध में अब तक अपने कई सैनिकों को गंवा दिया है। यूक्रेनी हमलों में कुछ रूसी नागरिक भी मारे गए हैं। दुनियाभर के देश इस युद्ध को खत्म करने की मांग उठा रहे हैं। अमेरिका (United States Of America) के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) कुछ दिन पहले तक रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) को युद्ध खत्म करने की धमकी दे रहे थे। लेकिन अलास्का (Alaska) में उनसे मिलने के बाद ट्रंप के सुर अचानक से बदल गए हैं।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखते हुए यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेन्स्की (Volodymyr Zelenskyy) को एक मैसेज दिया है। ट्रंप ने लिखा, "यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेन्स्की चाहे तो रूस के साथ युद्ध लगभग तुरंत ख़त्म कर सकते हैं, या फिर जंग जारी रख सकते हैं। याद करो कि इसकी शुरुआत कैसे हुई थी। यूक्रेन को वो क्रीमिया वापस नहीं मिलेगा जो ओबामा ने उन्हें दिया था (12 साल पहले, बिना एक भी गोली चलाए) और यूक्रेन को नाटो में शामिल नहीं किया जाएगा। कुछ चीज़ें कभी नहीं बदलती।"
पुतिन से मुलाकात के बाद अब ट्रंप, ज़ेलेन्स्की से भी मुलाकात करेंगे। दोनों के बीच आज, सोमवार, 18 अगस्त को व्हाइट हाउस में मुलाकात होगी। हालांकि ट्रंप से मिलने के लिए ज़ेलेन्स्की अकेले, अमेरिका नहीं गए हैं। ज़ेलेन्स्की के साथ फ़्रांस (France) के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron), इटली (Italy) की पीएम जॉर्जिया मेलोनी (Giorgia Meloni), यूरोपीय कमीशन (European Commission) की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन (Ursula von der Leyen), यूके (UK) के पीएम कीर स्टार्मर (Keir Starmer), जर्मनी (Germany) के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ (Friedrich Merz), फिनलैंड (Finland) के राष्ट्रपति एलेक्ज़ेन्डर स्टब (Alexander Stubb) और नाटो (NATO) के महासचिव मार्क रुट्टे (Mark Rutte) भी ट्रंप से मिलने जा रहे हैं।
ज़ेलेन्स्की और अन्य यूरोपीय नेता, ट्रंप से मिलने के लिए इस वजह से जा रहे हैं जिससे वह रूस के खिलाफ युद्ध में यूक्रेन को अकेला न छोड़े और न ही पुतिन की बातों में आकर रूस की शर्तों पर यूक्रेन पर युद्ध खत्म करने का दबाव बनाए। ज़ेलेन्स्की और उनके साथ जा रहे यूरोपीय नेता भी चाहते हैं कि युद्ध खत्म हो, पर इसके लिए रूस की उन शर्तों को न माना जाए जिससे यूक्रेन को अपने खेरसन, डोनेत्स्क, लुहांस्क और ज़ापोरिज़िया इलाके रूस को देने पड़े। साथ ही ज़ेलेन्स्की, यूक्रेन के लिए सुरक्षा की गारंटी भी चाहते हैं।