
इज़रायल (Israel) और फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास (Hamas) के बीच 7 अक्टूबर से चल रहा युद्ध अभी भी जारी है। हमास के इज़रायल पर रॉकेट अटैक और घुसपैठ हमलों में करीब 1,200 लोगों की मौत हो गई थी और 200 से ज़्यादा लोगों को हमास ने बंधक बना लिया था। ऐसे में इज़रायल ने हमास से बदला लेते हुए गाज़ा (Gaza) और आसपास के फिलिस्तीनी इलाकों पर जवाबी कार्रवाई करते हुए हमले शुरू कर दिए। हालांकि 24 नवंबर से युद्ध पर पहले 4 दिन के लिए, फिर 2 दिन और फिर 1 दिन यानी कि एक हफ्ते का विराम ज़रूर लगा और उस दौरान सीज़फायर का पालन भी किया गया पर एक हफ्ते के बाद उसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका।
हमास के खिलाफ इज़रायल के 225 से ज़्यादा सैनिक भी मारे जा चुके हैं, पर फिलिस्तीनियों को इससे काफी ज़्यादा नुकसान हुआ है। इस युद्ध की वजह से अब तक ग़ाज़ा में 28,340 लोग और वेस्ट बैंक में 390 लोग मरे जा चुके हैं। साथ ही दोनों जगहों पर मिलाकर करीब 72,434 लोग घायल हो चुके हैं। बड़ी संख्या में घर और इमारतीं भी तबाह हुई हैं। इसी बीच अबी तीन देशों के प्रधानमंत्रियों ने एक आवाज़ उठाई है।
ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैण्ड और कनाडा के प्रधानमंत्रियों की मांग
इज़रायल और हमास के युद्ध के बीच ऑस्ट्रेलिया (Australia) के पीएम एंथनी अल्बनीज़ (Anthony Albanese), न्यूज़ीलैंड (New Zealand) के पीएम क्रिस्टोफर लक्सन (Christopher Luxon) और कनाडा (Canada) के पीएम जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) ने मांग उठाई है। तीनों ने मिलकर युद्ध पर सीज़फायर लगाने की मांग उठाई है। साथ ही तीनों ने इस युद्ध में हमास के पकड़े गए बंधकों को रिहा करने की भी मांग की है।
इज़रायली पीएम का अलग है प्लान
इज़रायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) का प्लान पहले से ही साफ है। नेतन्याहू साफ कर चुके हैं कि वह हमास के खिलाफ जीत से पहले युद्ध नहीं रोकेंगे।
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