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नेपाल की संसद में घुसे प्रदर्शनकारी, मच गया बवाल, पुलिस को करनी पड़ी हवाई फायरिंग

फेसबुक और इंस्टा समेत 26 एप्स बंद होने से नाराज युवाओं ने नेपाल की राजधानी में जमकर कोहराम मचाया। वह संसद में घुए गए। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवाई फायरिंग की।
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Updated: 8 Sep 2025, 1:29 PM IST
Demonstration in Nepal
नेपाल में प्रदर्शन (फोटोःIANS)

नेपाल की राजधानी काठमांडू की सड़कों पर युवाओं ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हजारों की संख्या में युवा प्रदर्शन करते हुए नेपाल की संसद में घुस गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए हवाई फायरिंग की और आंसू गैस के गोले दागे। दरअसल, प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार ने 4 सितंबर को फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, वॉट्सऐप, रेडिट और X जैसे 26 सोशल मीडिया ऐप्स पर बैन लगा दिया था।

फेसबुक सहित 26 ऐप्स ने नहीं कराया रजिस्ट्रेशन

नेपाल सरकार का कहना था कि इन ऐप्स ने सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया था। मंत्रालय ने 28 अगस्त से 7 दिन दिन की सीमा तय की थी, जिसकी मियाद 2 सितंबर को खत्म हो गई। इसे बाद नेपाल सरकार ने इन ऐप्स पर बैन लगाने का फैसला लिया। सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के प्रवक्ता गजेंद्र कुमार ठाकुर ने कहा कि अगर कोई प्लेटफॉर्म रजिस्ट्रेशन पूरा करता है तो उसे उसी दिन बहाल कर दिया जाएगा। बता दें कि इस प्रतिबंध से विदेश में रहने वाले लाखों नेपाली प्रभावित होंगे।

पीएम ओली ने दी चेतावनी

युवाओं के प्रदर्शन को काठमांडू के मेयर ने अपना समर्थन दिया है, जबकि पीएम केपी शर्मा ओली ने युवाओं को सख्त लहजे में चेतावनी दी है। प्रधानमंत्री ओली ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि युवाओं को ये पता होगा कि कानून का उल्लंघन करने का क्या खामियाजा भुगतना पड़ता है।

इस मामले में केपी शर्मा की सरकार ने कहा कि यह बैन तभी हटेगा जब मेटा सहित तमाम कंपनियां अपना ऑफिस नेपाल में खोलें। साथ ही नेपाल सरकार के समक्ष पंजीकरण बनाएं और गड़बड़ी रोकने के लिए सिस्टम बनाएं। नेपाल में अब तक सिर्फ टिकटॉक, वाइबर, निम्बज, विटक और पोपो लाइव ने ही कंपनी रजिस्ट्रार ऑफिस में रजिस्ट्रेशन कराया है।

Updated on:
8 Sep 2025, 1:29 PM IST
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