ईरान अपने पड़ोसी देश कतर पर लगातार हमले कर रहा है। इन हमलों से तंग आ चुके कतर ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को पत्र लिखकर ईरानी हमलों की निंदा की है और अपने क्षेत्र की सुरक्षा की अपील की है।
ईरान अपने पडोसी मुल्क कतर पर लगातार हमले कर रहा है। ईरानी हमलों से खुद का बचाव करते-करते कतर पूरी तरह से तंग आ गया है। अब उसने संयुक्त राष्ट्र के सेक्रेटरी-जनरल एंटोनियो गुटेरेस को एक और चिट्ठी भेजी है, जिसमें उसने अपने इलाके पर ईरान के हमलों की निंदा की है।
कतर के विदेश मंत्रालय के हवाले से जारी इस चिट्ठी में 28 मार्च से 1 अप्रैल के बीच कतर के इलाके को निशाना बनाकर किए गए ईरान के ड्रोन और क्रूज मिसाइल हमलों की एक पूरी लिस्ट दी गई है। इनमें एक हमला ऐसा भी था जिसने कतर के समुद्री इलाके में एक तेल टैंकर को निशाना बनाया था।
इस चिट्ठी में इन गैर-कानूनी हरकतों की कड़ी निंदा की गई है। साथ ही कहा गया है कि ईरान को हुए सभी नुकसान की भरपाई करनी चाहिए। इसमें यह भी जोर देकर कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इन हमलों का जवाब देने का कतर को पूरा अधिकार है।
एक दिन पहले कतर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल-अंसारी ने कहा कि ईरान ने पड़ोसी देशों पर अपने लगातार हमलों के दौरान कई रेड लाइनें पार कर दी हैं।
उन्होंने तनाव कम करने की जरूरत पर जोर दिया। अल-अंसारी ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि कतर पर ईरान के हमलों का दोनों देशों के रिश्तों पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है।
28 फरवरी 2026 (पहला हमला)- कतर के गृह मंत्रालय के मुताबिक इस हमले में कुल 66 मिसाइलें दागी गईं और पूरे देश में 114 जगह मलबा गिरने की रिपोर्ट आई।
2 मार्च 2026 (दूसरा हमला)- कतर की वायुसेना ने दो ईरानी Su-24 लड़ाकू विमान मार गिराए और सात बैलिस्टिक मिसाइलें तथा पांच ड्रोन भी नाकाम किए।
18 मार्च 2026 (तीसरा हमला)- ईरान ने कतर की सबसे बड़ी गैस सुविधा पर मिसाइल हमला किया जिससे भारी नुकसान हुआ और आग लग गई। कतर ने ईरानी दूतावास के सैन्य अधिकारियों को 24 घंटे में देश छोड़ने का आदेश दिया।
28 मार्च 2026 (चौथा हमला)- कतर के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि ईरान से कई ड्रोन दागे गए जिन्हें कतरी सेना ने सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया।
1 अप्रैल 2026 (पांचवां हमला)- ईरान ने तीन क्रूज मिसाइलें दागीं जिनमें से दो को रोक लिया गया लेकिन तीसरी एक तेल टैंकर से टकराई। कोई हताहत नहीं हुआ।