
Middle East Politics: इजराइल में हुए चुनावों में विदेशी दखल के आरोपों के बाद चल रही जांच के बीच, कतर ने इजराइल के चुनावों में हस्तक्षेप करने के दावों का कड़ा खंडन किया है। कतर ने कुछ इजराइली राजनेताओं पर आरोप लगाया है कि वे अपने घरेलू राजनीतिक हितों को साधने और अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए कतर के नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं।
'X' (ट्विटर) पर जारी एक आधिकारिक बयान में, कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजेद अल-अंसारी ने चुनावों को प्रभावित करने के लिए फंडिंग करने के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि इजराइल की आंतरिक राजनीति में घसीटे जाने पर दोहा चुप नहीं बैठेगा।
अल-अंसारी ने खंडन करते हुए कहा कि, कतर ने इजराइल के चुनावों में कोई दखल दिया है या चुनाव नतीजों को प्रभावित करने के लिए किसी गतिविधि को फंड किया है।" उन्होंने आगे कहा, "हम कुछ इज़राइली राजनेताओं और मीडिया में उनके संपर्कों द्वारा लगाए गए उन आरोपों को खारिज करते हैं, जिन्होंने इस हफ्ते हुए चुनावों के बाद कतर को इज़राइल के राजनीतिक विवादों में घसीटने के लिए एक और दुष्प्रचार अभियान (disinformation campaign) शुरू किया है।"
यह बताते हुए कि कैसे इजराइल के राजनीतिक दायरे में कतर को बार-बार निशाना बनाया गया है, अल-अंसारी ने तंज कसते हुए कहा, "वे कतर पर बेंजामिन नेतन्याहू, इजराइली वामपंथी राजनीति और अब इस नए अभियान में अरब वोटों को खरीदने का आरोप लगा रहे हैं। अगर इन दावों पर यकीन कर लिया जाए, तो ऐसा लगेगा जैसे पूरा इजराइल ही कतर का है।
अल-अंसारी ने कहा, "कुछ इजराइली राजनेताओं की राजनीतिक विफलताओं के लिए कतर को 'बलि का बकरा' नहीं बनाया जाना चाहिए। ध्यान कतर की ओर भटकाने के बजाय, उन्हें अपने मतदाताओं पर ध्यान देना चाहिए, लोगों के रोज़मर्रा के जीवन को बेहतर बनाना चाहिए और इस क्षेत्र में अपने द्वारा किए गए नुकसान को ठीक करना चाहिए।"
कतर की 'किसी के आंतरिक मामलों में दखल न देने' की सख्त नीति को दोहराते हुए, उन्होंने कहा, "हम फिर से स्पष्ट करते हैं कि इजराइल की राजनीतिक या चुनावी प्रतिस्पर्धा में हमारी कोई भूमिका नहीं है। ये इज़राइल के आंतरिक मामले हैं, जिनमें हम कोई दखल नहीं देते। हम कतर को उनके घरेलू राजनीतिक विवादों में घसीटने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं करेंगे।"