
एंडी बर्नहैम (Photo - @andyburnham)
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच स्थिति अभी भी सुधरी नहीं है। ऐसे में ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को बंद कर रखा है। होर्मुज स्ट्रेट एक अहम और रणनीतिक जलमार्ग है और इसके बंद होने का असर दुनियाभर पर पड़ रहा है। कई देश इसे फिर से खोलने की मांग कर चुके हैं। इस मामले में अब ब्रिटिश पीएम एंडी बर्नहैम (Andy Burnham) का बयान सामने आया है।
ब्रिटिश पीएम बर्नहैम ने आज कहा कि ब्रिटेन तनाव कम करने और होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से फिर से खोलने में मदद करने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा, "होर्मुज स्ट्रेट को फिर से पूरी तरह खोलने में मदद के लिए हम पूरी कोशिश कर रहे हैं। इस दिशा में हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं और स्थिति को शांत करने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन एक बात साफ है कि ऐसा सिर्फ ईरान के पास किसी भी तरह की परमाणु क्षमता न होने की शर्त पर होगा।"
ब्रिटिश पीएम ने बताया कि उन्होंने पिछले हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) से बात की। इस दौरान दोनों के बीच होर्मुज स्ट्रेट के मुद्दे और इसे खोलने की ज़रूरत पर भी चर्चा हुई।
होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का रुख साफ है। जब तक ईरान की शर्तें नहीं मान ली जाती, तब तक इसे फिर से नहीं खोला जाएगा। होर्मुज स्ट्रेट पर आईआरजीसी - इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC - Islamic Revolutionary Guard Corps) का पूरा कंट्रोल है और इस रणनीतिक जलमार्ग पर आईआरजीसी ने साफ कर दिया है कि अमेरिका के इस रणनीतिक जलमार्ग पर कंट्रोल के दावे ज़मीनी हकीकत से मेल नहीं खाते। ईरान ने चेतावनी दी कि जब तक उसके खिलाफ अमेरिकी सैन्य आक्रामकता, समुद्री नाकेबंदी और आर्थिक प्रतिबंधों का अंत नहीं होगा, तब तक होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोला नहीं जाएगा। होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से ईरान को भी आर्थिक रूप से काफी नुकसान हो रहा है, लेकिन वो अपनी शर्तों पर समझौता करने के लिए तैयार नहीं है।
Updated on:
29 Oct 2026, 9:19 PM IST
Published on:
29 Oct 2026, 9:19 PM IST
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