विदेश

कतर ने ईरान को दी कड़ी चेतावनी, कहा- खाड़ी देशों को जंग में मत घसीटो

Qatar warns Iran: कतर ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उसने साफ कहा- खाड़ी देशों को जंग में मत घसीटो। हॉर्मुज स्ट्रेट की स्थिति पहले जैसी थी, वैसी ही करनी होगा।
2 min read
Aug 25, 2026
Pezeshkian latest statement
ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन। (फोटो- IANS)

ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से खाड़ी देशों में तनाव बढ़ गया है। इस बीच, कतर ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। कतर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने साफ कहा कि कतर और दूसरे खाड़ी देश किसी भी हाल में जंग में नहीं फंसना चाहते। उन्होंने ईरान से अनुरोध करते हुए कहा कि वह ऐसा कोई काम ना करे, जिससे खाड़ी देशों को बिना मतलब के झगड़े में फंसना पड़े।

खाड़ी देशों के बीच पूरी तालमेल

प्रवक्ता ने बताया कि खाड़ी सहयोग परिषद के सभी सदस्य देश मिलकर हर तरह के बढ़ते तनाव से निपटने की तैयारी कर रहे हैं। कोई भी अचानक बढ़ी घटना हो, सब एक साथ जवाब देंगे। कतर ने कहा कि अगर एक देश को भी जबरन लड़ाई में खींचा गया तो पूरे इलाके की शांति खतरे में पड़ जाएगी।

हॉर्मुज स्ट्रेट की स्थिति पुरानी होनी चाहिए

कतर ने हॉर्मुज स्ट्रेट को लेकर बयान दिया। यहां से दुनिया का बहुत सारा तेल गुजरता है। प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि इस जलमार्ग की स्थिति संकट से पहले जैसी थी, ठीक वैसी ही होनी चाहिए। जहाजों को आराम से आने-जाने की पूरी आजादी मिलनी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि कोई भी रुकावट पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकती है। कतर ने साफ कहा कि नेविगेशन की आजादी बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है।

अमेरिकी प्रतिबंधों पर कतर का रुख

अमेरिका ने ईरान पर जो एकतरफा प्रतिबंध लगाए हैं, उन्हें कतर सही नहीं मानता। प्रवक्ता ने कहा कि ऐसे कदमों से समस्या सुलझने के बजाय और उलझ सकती है।

बातचीत और मध्यस्थता ही सही रास्ता

कतर अब भी कूटनीतिक रास्ते से समाधान निकालने की कोशिशों का पूरा साथ दे रहा है। उन्होंने कहा कि बातचीत और मध्यस्थता ही सही रास्ता है, जबरदस्ती या दबाव नहीं।

कतर लंबे समय से मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है। वह चाहता है कि क्षेत्र में शांति बनी रहे और कोई भी देश दूसरे को अपनी लड़ाई में न खींचे। प्रवक्ता के बयान से साफ है कि खाड़ी देश अब सतर्क हैं और किसी भी उकसावे में नहीं आएंगे।

इजराइल को लेकर कतर का बयान

कतर ने इजराइल को लेकर भी बड़ा बयान दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि अगर इजराइल इस क्षेत्र का हिस्सा बनना चाहता है, तो उसे अपनी जिम्मेदारियां पूरी करनी होंगी।