Russia Ukraine War : यूक्रेन ने वर्ष 2005 में ही एंटी पर्सनल लैंडमाइन का इस्तेमाल नहीं करने की यूएन समर्थित संधि पर हस्ताक्षर कर दिया था लेकिन अमरीका उसे इसके इस्तेमाल के लिए उकसा रहा है। जाहिर है रूस इसके जवाब में पलटवार करेगा और यही वजह है कि पश्चिमी देश इससे होने वाले भारी नुकसान की आशंका से पश्चिमी देश सहम उठे हैं

Russia Ukraine War : चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप(Donald Trump) की जीत के बाद अमरीका के निवर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडन ने अब एक और ऐसा कदम उठाने का फैसला किया है, जिससे रूस का भड़कना तय माना जा रहा है। यूक्रेन को अमरीका निर्मित लंबी दूरी की मिसाइलों से रूसी जमीन पर हमले की अनुमति देने के बाद बाइडन ने अब यूक्रेन में एंटी-पर्सनल लैंडमाइंस (Anti Personal Landmines) भेजने का फैसला किया है। अधिकारियों के हवाले से अमरीकी मीडिया ने यह जानकारी दी है। यह माना जा रहा है कि इनके उपयोग से यूक्रेन को रूसी सेना की बढ़त को 'धीमा' करने में मदद मिलेगी।
रिपोर्ट के अनुसार, इन हथियारों का उपयोग केवल उन्हीं क्षेत्र में किया जाएगा जिन्हें अमरीका यूक्रेनी क्षेत्र मानता है। गौरतलब है कि एंटी-पर्सनल लैंडमाइन (Anti Personal Landmines) का इस्तेमाल विवाद का विषय है। यूक्रेन 2005 में ही इनका इस्तेमाल नहीं करने की यूएन समर्थित संधि पर हस्ताक्षर कर चुका है। दूसरी ओर, यूक्रेन की राजधानी कीव स्थित अमरीकी दूतावास ने कहा है कि उसे रूसी हवाई हमले की आशंका को लेकर महत्वपूर्ण चेतावनी मिली है, जिसके चलते एहतियात के तौर पर दूतावास को बंद कर दिया गया है।
यू्क्रेन युद्ध की आंच अब अमरीका और पश्चिमी देशों तक पहुंचना शुरू हो गई है। रूसी हमले की आशंका के मद्देनजर कीव अमरीकी दूतावास ने एक बयान में कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर रहने का निर्देश देते हुए यह भी सुझाव दिया है कि कि कीव में मौजूद अमरीकी नागरिक हमले के अलर्ट की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचने के लिए तैयार रहें। वहीं, स्पेन, इटली और यूनान के दूतावास ने भी अपना दूतावास बंद कर दिया है। कजाखिस्तान ने अपने नागिरकों के तुरंत यूक्रेन छोड़ने को कहा है।
रूस की विदेशी खुफिया सेवा (SVR) के प्रमुख सर्गेई नारिश्किन ने चेतावनी दी है कि रूस पर लंबी दूरी की मिसाइलों से हमलों की पश्चिमी कार्रवाइयों का जवाब जरूर देगा। नारिश्किन ने कहा, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Russian President Vladimir Putin) द्वारा देश के न्यूक्लियर डॉक्ट्राइन में किए गए परिवर्तनों से मास्को के साथ टकराव में पश्चिमी शक्तियों के लिए पैंतरेबाजी की गुंजाइश कम हो गई है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेनी सेना के पास अमरीका से मिलीं 50 एटीएसीएमएस मिसाइलें ही हैं। साथ ही, यूक्रेनी सैन्य बलों के पास पर्याप्त मात्रा में हिमर्स और एमएसआरएस सिस्टम हैं जो लंबी दूरी की मिसाइलों को दागने में सक्षम हैं।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की (Ukraine President Volodymyr Zelenskyy) ने एक अमरीकी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में एक बार फिर कबूल किया है कि अगर अमरीका उसे भेजे जाने वाली सैन्य मदद को खत्म या कम करता है तो रूस के खिलाफ जंग में उसकी हार हो सकती है।
यह भी पढ़ें - Blood Pressure के मरीज ना लें टेंशन, अब एक ही गोली में मिलेगा आराम, AIIMS और लंदन के शोधार्थियों ने किया कमाल