विदेश

Racial Discrimination: ‘भारत पर हमने राज किया है’… ब्रिटेन के शख्स ने भारतीय मूल की महिला के साथ किया नस्लीय बर्ताव

Racial Discrimination: आरोपी शख्स ने भारतीय मूल की महिला से कहा कि अंग्रेजों ने भारत पर राज किया है। ब्रिटेन ने भारत को जीता था फिर भी इसे तुम लोगों को वापस कर दिया।
2 min read
Feb 12, 2025
Racial Discrimination with Indian origin woman in UK Train
Racial Discrimination with Indian origin woman in UK Train (Video Footage)

Racial Discrimination: भारत को अंग्रेजों से आजाद हुआ 76 साल हो चुके हैं, लेकिन अभी भी उस देश में भारत के लोगों को नस्लीय भेदभाव का शिकार होना पड़ रहा है, जिसने 200 सालों तक भारत पर राज किया था। जी हां, ताजा मामला लंदन (London) का है। यहां लंदन से मैनचेस्टर जा रही ट्रेन में एक भारतीय मूल की महिला के साथ वहां के एक शख्स ने नस्लीय व्यवहार किया यहां तक कि महिला को गालियां तक दीं। ब्रिटेन की इस पूरी घटना के दौरान ये शख्स बार-बार कहता रहा कि भारत को अंग्रेजों ने जीता है, फिर भी ब्रिटेन (Britain) ने आपको भारत वापस दे दिया। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ है। हालांकि अब इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है।

नशे में था आरोपी शख्स

मेट्रो की रिपोर्ट के मुताबिक ये घटना रविवार की बताई जा रही है। 26 साल की भारतीय मूल की महिला गैब्रिएल फोर्सिथ लंदन से मैनचेस्टर जा रही एक ट्रेन में सवार होकर अपने घर जा रही थीं। वे अपनी साथी से बातचीत कर रही थीं जिसमें उन्होंने अप्रवासियों का समर्थन करने वाली एक चैरिटी के साथ अपने काम का जिक्र किया। इस बारे में वे बात कर ही रहीं थीं कि नशे में धुत एक शख्स ने उन पर नस्लीय टिप्पणी कर दी। उसने महिला को धमकी दी और गालियां भी दीं।

'इंग्लैंड ने भारत को जीता फिर भी वापस कर दिया'

इस शख्स ने ब्रिटेन के भारत पर राज करने की बात कही। उसने फोर्सिथ को अप्रवासी कहा और कहा कि इंग्लैंड ने भारत को जीत कर वापस दे दिया, जबकि ब्रिटेन को ऐसा नहीं करना चाहिए था। नशे में धुत शख्स ने कहा कि ब्रिटेन में आज आप लोग रह रहे हैं, इसका शुक्र मनाइये, अगर ब्रिटेन ऐसा नहीं होता तो आप लोग आज यहां नहीं होते।

इस वारदात की सूचना फोर्सिथ ने ब्रिटिश ट्रांसपोर्ट पुलिस (BTP) को दी। जिसके बाद मामले की जांच शुरू हुई। फोर्सिथ ने इस घटना को X पर पोस्ट किया और कहा कि, “भारतीय होना, एक अप्रवासी की बेटी होना, अपने इतिहास और विरासत से जुड़े रहना, ये एक आशीर्वाद है और हमारे लिए एक तोहफा है। मैं आभारी हूं कि मुझे अश्वेत लोगों के लिए खड़े होने की क्षमता मिली है। मैं खुद का और हम सभी का पूरी तरह से समर्थन करती हूं।"

Updated on:
12 Feb 2025 11:30 am
Published on:
12 Feb 2025 11:21 am