
Red Sea Attack: बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में तंजानिया के झंडे लगे एक कार्गो जहाज 'तिहामाह' पर हुए कथित हूती हमले में तीन क्रू मेंबरों की मौत हो गई है। इस हमले से लाल सागर के समुद्री मार्गों को लेकर भय का माहौल है। यमन के सूत्रों के अनुसार, तंजानिया के झंडे लगे एक कार्गो जहाज पर सवार दो पाकिस्तानी और एक इंडोनेशियाई नागरिक की मौत होने के समाचार हैं। हालांकि, अब तक हूती विद्रोहियों ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के दौरान यह हमला हुआ है। ट्रंप ने ईरान पर आर्थिक दबाव की बात कही है । ईरान ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत होने की खबरों से इनकार किया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि, दोनों देशों के बीच कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है। हूती विद्रोहियों ने सऊदी जहाजों पर अपने हमलों को यमन पर सऊदी कार्रवाई की प्रतिक्रिया बताया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, विद्रोहियों ने डूबते या क्षतिग्रस्त जहाज की मदद के लिए जाने वाली बचाव टीम को भी एक अन्य मिसाइल से निशाना बनाया, जिसमें एक यमनी बचावकर्मी घायल हो गया। इस घटना से रणनीतिक समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं और अधिक बढ़ गई हैं तथा वैश्विक व्यापार पर इसका असर पड़ना तय है।
केप्लर (Kpler) के आंकड़ों के अनुसार, बीते सप्ताह बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से रोजाना औसतन 32 जहाज गुजरे। नाकाबंदी से पहले यहां से प्रतिदिन औसतन 50 जहाज गुजरते थे। बाब अल-मंदेब अपने सबसे संकरे हिस्से में करीब 30 किलोमीटर चौड़ा है। यह उत्तर-पूर्व में अरब प्रायद्वीप पर स्थित यमन और पश्चिम में अफ्रीका के इरिट्रिया तथा जिबूती के बीच स्थित है।
तंजानिया के झंडे वाले जहाज 'तिहामाह' पर हुए हमले की अभी तक हूती विद्रोहियों ने जिम्मेदारी नहीं ली है। यदि ऐसा होता है, तो यह हमला फरवरी के अंत में ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद शुरू हुए मध्य पूर्व संघर्ष के दौरान हूतियों का पहला हमला होगा। हूतियों ने सऊदी अरब की घेराबंदी के जवाब में लाल सागर में सऊदी अरब के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी की घोषणा किए करीब एक महीना हो चुका है।