विदेश

‘लोकतांत्रिक ईरान के भारत से होंगे मजबूत संबंध’…रजा पहलवी का बड़ा बयान

ईरान के निर्वासित राजकुमार रजा पहलवी ने कहा है कि लोकतांत्रिक ईरान भारत के साथ नजदीकी और सहयोगपूर्ण रिश्ते बनाना चाहेगा। उन्होंने ऐतिहासिक संबंधों, ऊर्जा, तकनीक और वैश्विक चुनौतियों में भारत की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

2 min read
Jan 17, 2026
Reza Pahlavi
रजा पहलवी (फोटो- न्यूयॉर्क पोस्ट एक्स)

ईरान की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और वहां लोकतांत्रिक बदलाव की संभावनाएं इन दिनों वैश्विक चर्चा का विषय बनी हुई हैं। पश्चिम एशिया में अस्थिरता, प्रतिबंध और ऊर्जा संकट के बीच ईरान की भविष्य की विदेश नीति पर भी नजरें टिकी हुई हैं। इसी संदर्भ में ईरान के निर्वासित राजकुमार रजा पहलवी ने कहा है कि यदि ईरान में लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थापित होती है, तो भारत के साथ उसके रिश्ते और अधिक नजदीकी और सहयोगपूर्ण होंगे।

भारत के साथ ऐतिहासिक संबंधों पर जोर

रजा पहलवी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान और भारत के संबंध आधुनिक इतिहास में हमेशा से सकारात्मक रहे हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की ईरान यात्रा को याद करते हुए कहा कि दोनों देशों के रिश्ते दशकों पुराने हैं। उनके अनुसार सभ्यतागत विरासत, संस्कृति और इतिहास के स्तर पर दोनों देश एक दूसरे के काफी करीब रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की समृद्ध संस्कृति और विरासत ईरान के लिए सम्मान का विषय रही है और यही साझा विरासत भविष्य में सहयोग की मजबूत नींव बन सकती है।

लोकतांत्रिक ईरान की विदेश नीति की दिशा

रजा पहलवी ने स्पष्ट किया कि एक लोकतांत्रिक ईरान उन देशों के साथ सबसे अच्छे संबंध बनाना चाहेगा जो संप्रभुता और स्वतंत्रता के मूल्यों में विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा कि भारत ऐसा देश है जो इन मूल्यों का सम्मान करता है और कई क्षेत्रों में सहयोग का मजबूत साझेदार बन सकता है। उनके अनुसार वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है और भारत इस दिशा में अहम भूमिका निभा सकता है। उन्होंने ऊर्जा, जनसंख्या और पानी जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि इन समस्याओं के समाधान में भारत का अनुभव उपयोगी साबित हो सकता है।

ऊर्जा, तकनीक और व्यापार में सहयोग की संभावना

निर्वासित युवराज ने भारत की तकनीकी क्षमता और विशेषज्ञता की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत तकनीक और इनोवेशन के क्षेत्र में अग्रणी देश है। भविष्य में दोनों देशों के बीच नया और नवीकरणीय ऊर्जा, स्टार्टअप, व्यापार और अन्य उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि विशेषज्ञों, उद्यमियों और बिजनेस समुदायों के बीच करीबी संपर्क से दोनों देशों को लाभ होगा। साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान के मुक्त होने के बाद एक नए अध्याय की शुरुआत संभव होगी, जिसमें भारत एक प्रमुख साझेदार हो सकता है।

Updated on:
17 Jan 2026 11:27 am
Published on:
17 Jan 2026 11:16 am