
ईरान में प्रदर्शन (फोटो- पत्रिका ग्राफिक्स)
ईरान के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। यहां पिछले 12 दिनों से जनता सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। ईरानी सुप्रीम लीडर आयातुल्लाह अली खामेनेई और उनकी सरकार इन जन आंदोलनों पर काबू पाने में असफल रही है। इन प्रदर्शनों के दौरान अब तक 45 लोगों की जान जा चुकी है जिसमें 8 बच्चे भी शामिल हैं। गुरुवार रात यह प्रदर्शन और अधिक उग्र हो गया और राजधानी तेहरान समेत 100 से ज्यादा शहरों में हालात बेकाबू हो गए। लंबे प्रदर्शन के बाद अब पहली बार ईरान सरकार की इस मामले पर प्रतिक्रिया सामने आई है। सरकार ने देश में बिगड़े हालात के पीछे विदेशी साजिश होने का दावा किया है।
पिछले कई दिनों से चल रहे इस प्रदर्शन में बुधवार का दिन काफी खतरनाक रहा। इस दिन 13 प्रदर्शनकारी मारे गए और सैकड़ों लोग घायल भी हुए। स्थिति को काबू पाने के लिए पुलिस ने करीब 2000 लोगों को हिरासत में भी लिया। इसी तरह गुरुवार रात को भी यह विरोध प्रदर्शन काफी उग्र हो गया। इस दौरान कई जगहों पर आगजनी की घटनाएं हुई और सरकार द्वारा प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाए जाने की खबर भी सामने आई। इसके बाद अमेरिका ने भी ईरान प्रदर्शनकारियों पर हमला न करने की सीधे तौर पर चेतावनी दी। अमेरिका ने कहा अगर ईरान प्रदर्शनकारियों पर हमला करेगा तो अमेरिका इसका जवाब देगा।
अमेरिका की इस चेतावनी के बाद ईरान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया और अब आखिरकार सरकार की ओर से इस मामले पर बयान सामने आया है। लंबे समय तक इस मुद्दे पर चुप्पी साधे रहने के बाद अब आखिरकार ईरान की सरकारी टीवी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। एक कार्यक्रम के दौरान सरकारी प्रसारक ने प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और लोगों के हताहत होने की बात स्वीकार की है। यह दर्शाता है कि देश के हालात छिपाने में अब सरकार असफल हो रही है।
इस कार्यक्रम के दौरान यह भी दावा किया गया कि देश के बिगड़ते हालात और हिंसक घटनाओं के पीछे अमेरिका और इजरायल से जुड़े आतंकी एजेटों का हाथ है। ईरान के सरकारी टीवी ने जनता को इन हिंसक घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराने की बजाय विदेशी ताकतों पर इसका आरोप लगाया है। सरकार जहां पहले इन प्रदर्शनों को मामूली बताकर स्थिति को छिपाने की कोशिश कर रही थी वहीं अब खुले तौर पर हिंसा की बात को स्वीकार करना यह दर्शाता है कि बढ़ते दबाव के बीच सरकार अपनी रणनीति बदल रही है। सरकार अपनी नाकामी को इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहराने की बजाय विदेशी ताकतों को दोषी ठहरा रही है।
Updated on:
09 Jan 2026 01:42 pm
Published on:
09 Jan 2026 01:40 pm
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