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फ्रांस पहुंचते ही भारत के सबसे खास ‘दोस्त’ के खिलाफ जहर उगलने लगे राष्ट्रपति मैक्रों, जानें क्या कहा?

मैक्रों ने भारत यात्रा के तुरंत बाद रूस-यूक्रेन युद्ध के चार साल पूरे होने पर यूक्रेन का मजबूत समर्थन किया। उन्होंने इसे रूस का चुना हुआ आक्रामक हमला बताया है।

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भारत

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Mukul Kumar

Feb 24, 2026

Gaza Ceasefire Macron Peace Plan

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों। (फोटो: ANI.)

फ्रांस के प्रेसिडेंट इमैनुएल मैक्रों कुछ ही दिनों पहले भारत आए थे। यहां से वापस लौटते ही उन्होंने भारत के सबसे खास दोस्त रूस के खिलाफ जगह उगलना शुरू कर दिया है।

दरअसल, रूस-यूक्रेन युद्ध के चार साल पूरे हो गए हैं। ऐसे में मैक्रों ने मंगलवार को यूक्रेन को खुलकर अपना सपोर्ट दिया। रूस के बड़े पैमाने पर हमला करने के चार साल पूरे होने पर उन्होंने इस लड़ाई को रूस का चुना हुआ हमला बताया।

बम से दहल उठा यूक्रेन

मैक्रों ने अपने एक्स पोस्ट में कहा- चार साल पहले, यूरोप यूक्रेन पर रूसी बम गिरने की आवाज से जागा था। उन्होंने याद करते हुए कहा- रूस ने जो किया, वह इंटरनेशनल कानून, लोगों की आजादी और इंसानी जिंदगी की खुली अवहेलना थी।

उन्होंने आगे कहा- चार साल तक रूस ने यूक्रेनी शहरों पर हमले किए, उनके स्कूल और हॉस्पिटल को तबाह किए, एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को सोच-समझकर निशाना बनाया ताकि वहां के लोग ठंड और डर में डूब जाएं।

कितने लोग मारे गए?

राष्ट्रपति ने आगे कहा- इस लड़ाई में 15,000 यूक्रेनी आम लोग मारे गए। उन्होंने हिंसा, रेप, टॉर्चर, वॉर क्राइम और आतंक के साथ-साथ हजारों यूक्रेनी बच्चों को देश से निकालने की निंदा की।

उन्होंने कहा- चार साल में कई जिंदगियां बर्बाद हो गईं। हिंसा, रेप, टॉर्चर, वॉर क्राइम और आतंक से लोग दहल गए। चार साल में हजारों यूक्रेनी बच्चों को उनकी जमीन और उनके परिवारों से छीन लिया गया। फिर भी, चार साल तक यूक्रेन मजबूती से खड़ा रहा और विरोध किया।

क्या बोले राष्ट्रपति?

मैक्रॉन ने तर्क दिया कि रूस अपने स्ट्रेटेजिक मकसद हासिल करने में नाकाम रहा है। उन्होंने कहा- क्रेमलिन ने कुछ ही दिनों में यूक्रेन पर कब्जा करने का वादा किया था, नवंबर 2022 में मोर्चा स्थिर होने के बाद से यूक्रेनी इलाके का सिर्फ 1 प्रतिशत ही लिया गया है। पिछले महीने, यूक्रेन ने फिर से जमीन हासिल कर ली।

मॉस्को के लिए इंसानी नुकसान को हाईलाइट करते हुए फ्रांसीसी प्रेसिडेंट ने दावा किया कि 1.2 मिलियन से ज्यादा रूसी सैनिक घायल हुए हैं या मारे गए हैं. दूसरे विश्व युद्ध के बाद से रूसी लड़ाई में हताहतों की सबसे ज्यादा संख्या है।

युद्ध को राष्ट्रपति ने बताया ट्रिपल फेलियर

राष्ट्रपति ने आगे कहा- रूस यूक्रेनी मोर्चे पर लड़ने के लिए अफ्रीकी महाद्वीप से लोगों को भर्ती कर रहा है. वहीं युद्ध को रूस के लिए मिलिट्री, इकोनॉमिक और स्ट्रेटेजिक ट्रिपल फेलियर बताते हुए मैक्रों ने कहा कि इसने NATO को मजबूत किया है और यूरोपियन एकता को मजबूत किया है।

मैक्रों ने यह भी बताया कि यूरोप ने यूक्रेन के लिए फाइनेंशियल, मिलिट्री, ह्यूमैनिटेरियन और एनर्जी मदद के तौर पर 170 बिलियन यूरो जुटाए हैं।