
नेपाल चुनाव आयोग। (फोटो- NewsOnAir)
नेपाल के चुनाव आयोग ने पॉलिटिकल पार्टियों और कैंडिडेट्स को इलेक्शन कैंपेन में बच्चों को शामिल करने के खिलाफ सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि इस तरह के काम इलेक्शन कोड ऑफ कंडक्ट और मौजूदा चाइल्ड प्रोटेक्शन कानून, दोनों का उल्लंघन करते हैं।
इसी तरह, चुनाव आयोग ने बच्चों को चुनाव प्रचार में शामिल होने पर प्रतिबंध भी लगा दिया है। हाल ही में एक बयान में कमीशन ने राजनीतिक दलों से कहा था कि रैलियों, घर-घर जाकर प्रचार करने, पब्लिसिटी इवेंट्स या किसी भी दूसरे तरह के इलेक्शन प्रमोशन में नाबालिगों का इस्तेमाल पूरी तरह से मना है।
चुनाव आयोग अधिकारियों ने कहा कि उन्हें अलग-अलग जिलों में कैंपेन एक्टिविटीज के दौरान बच्चों को शामिल करने की रिपोर्ट मिली हैं, जिससे कड़ी निगरानी और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ संभावित कार्रवाई को बढ़ावा मिला है।
कमीशन के मुताबिक, इलेक्शन कोड ऑफ कंडक्ट साफ तौर पर कैंडिडेट्स और पॉलिटिकल पार्टियों को कैंपेन के मकसद से स्कूली स्टूडेंट्स या नाबालिगों को शामिल करने से रोकता है।
चुनाव आयोग ने कहा कि स्टूडेंट्स को इकट्ठा करने से न सिर्फ एकेडमिक माहौल खराब होता है, बल्कि माइनर्स पार्टी पॉलिटिक्स के भी संपर्क में आते हैं, जिसका उनकी भलाई पर लंबे समय तक असर पड़ सकता है।
कमीशन ने पॉलिटिकल पार्टियों से अपनी लोकल कमेटियों और कैंपेन टीमों को कानूनी नियमों के बारे में जागरूक करने की अपील की है।
इसने स्कूल एडमिनिस्ट्रेशन, पेरेंट्स और सिविल सोसाइटी ऑर्गनाइजेशन से भी कहा है कि वे ऐसे किसी भी मामले की रिपोर्ट करें जहां बच्चों का चुनाव से जुड़ी एक्टिविटीज में इस्तेमाल किया गया हो।
नेपाल में 275 सीटों के लिए आम चुनाव 5 मार्च 2026 को होंगे। राष्ट्रपति ने सितंबर 2025 में घोषणा की थी। चुनाव आयोग ने पुष्टि की कि मतदान सुबह 7 से शाम 5 बजे तक होगा और नतीजे 24 घंटे में आएंगे। नेपाल में आंदोलन के बाद यह आम चुनाव हो रहे हैं।
Updated on:
24 Feb 2026 04:50 pm
Published on:
24 Feb 2026 04:12 pm
