भारतीय मूल के ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी का बचाव किया है, जिसके जरिए उन्होंने पाकिस्तानी मूल के सांसद इमरान हुसैन को कारारा जवाब दिया है। आइए जानते है पूरा मामला क्या है और सुनक ने क्या जवाब किया है।
गुजरात दंगों पर बनी बीबीसी की डॉक्युमेंट्री का विवाद अब ब्रिटिश संसद तक पहुंच गया है, जिसमें ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने खुद प्रधानमंत्री मोदी का बचाव किया है। दरअसल पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश सांसद ने गुजरात दंगों पर बनी बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री के मुद्दे को संसद में उठाया, जिसका जवाब देते हुए ऋषि सुनक ने कहा कि "इस पर यूनाइटेड किंगडम सरकार की स्थिति स्पष्ट और लंबे समय से चली आ रही है जो बदली नहीं है। निश्चित रूप से हम उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं करते हैं यह जहां कहीं भी दिखाई देता है। लेकिन सम्मानीय सज्जन को जिस तरह दिखाया गया है उस पर मुझे यकीन नहीं है और मैं उससे बिल्कुल सहमत नहीं हूं।"
YouTube से हटाई गई डॉक्यूमेंट्री
ब्रिटेन के नेशनल ब्रॉडकास्टर बीबीसी ने गुजरात दंगों पर आधारित "India: The Modi Question" (द मोदी क्वेश्चन) डॉक्यूमेंट्री को 2 भागों में बनाया है, जिसका पहला भाग बीते मंगलवार 17 जनवरी को प्रसारित किया गया है। इसके बाद से भारत और ब्रिटेन के कई लोगों ने इसपर नाराजगी जताई है। इस डॉक्यूमेंट्री को YouTube हटा दिया गया है। वहीं इस डॉक्यूमेंट्री का दूसरा भाग 24 जनवरी को प्रसारित होने वाला है।
विदेश मंत्रायल ने बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री को बताया प्रोपोगेंडा
इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री को प्रोपोगेंडा बताया है। मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि "ध्यान दें कि इसे भारत में नहीं दिखाया गया है। हमें लगता है कि यह एक प्रचार सामग्री है, जिसे बदनाम कहानी को आगे बढ़ाने के लिए बनाया गया है। इसमें पूर्वाग्रह, निष्पक्षता की कमी और औपनिवेशिक मानसिकता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।" इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कुछ भी हो यह फिल्म या डॉक्यूमेंट्री उस एजेंसी और व्यक्तियों पर एक प्रतिबिंब है जो इस कहानी को फैला रहे हैं। यह हमें इस कवायद के उद्देश्य और इसके पीछे के एजेंडे के बारे में सोचने पर मजबूर करता है।"