पाकिस्तान (Pakistan) की पुलिस कहना है कि रमजान के महीने में अपराध और डकैती बढ़ने का एक कारण कराची शहर में इकट्ठा हुए 4 लाख भिखारी हैं। जिन्होंने एक तरह से पूरे शहर पर कब्जा करके रखा हुआ है। रमजान (Ramadan) के महीने में ये भिखारी दूसरे जिलों से पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची में आ जाते हैं।
क्राइम के मामले में यूं तो पाकिस्तान (Pakistan) अव्वल देश है लेकिन रमजान के महीनों में तो इसके खुद के रिकॉर्ड टूट गए। आपराधिक मामलों में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कराची (Karachi) में देखी गई है। यहां रमजान के पवित्र महीने में बेशुमार डकैती की घटनाएं हुई हैं। जिसके चलते 19 लोगों की मौत हो गई है वहीं 55 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। कराची के पुलिस अधिकारी का कहना है कि रमजान (Ramadan) के महीने में जिन 19 लोगों की मौत हुई है उन्होंने अपने घर, दुकानों, प्रतिष्ठानों में हुई इन डकैती (Robbery in Pakistan) का विरोध किया था जिसके चलते हथियारबंद डकैतों ने उन पर हमला किया था।
4 महीनों में 56 मौतें डकैती से
पाकिस्तान के स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक कराची (Karachi) में डकैती को लेकर हुई मौतों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। इस साल कुल मिलाकर 56 की मौत हुई है तो 200 से ज्यादा घायल हुए हैं। वहीं बीते साल इसी समय के दौरान डकैतियों (Robbery in Pakistan) तो लेकर 25 मौतें हुईं थीं और 110 घायल हुए थे। 2023 में, आंकड़े चिंताजनक रूप से ज्यादा थे। तब 108 मौतें और 469 घायल हुए थे।
55 डकैतों का एनकाउंटर
कराची पुलिस (Karachi) का कहना है कि इस साल उन्होंने कई डकैत पकड़े हैं। उनके साथ करीब 425 मुठभेड़ें हुई हैं। इसमें 55 डकैतों का एनकाउंटर हुआ। और 439 घायल हो गए। इस साल उन्होंने 373 कार, 15,968 मोटरसाइकिल और 6,102 मोबाइल फोन चोरी होने या छीने जाने की सूचना मिली। रिपोर्ट के मुताबिक कराची में 25 जबरन वसूली की घटनाओं और फिरौती के लिए अपहरण के पांच मामले भी दर्ज हुए हैं।
कराची में जमे 4 लाख भिखारी इन डकैती के जिम्मेदार
कराची के पुलिस प्रमुख, अतिरिक्त महानिरीक्षक इमरान याकूब ने इन घटनाओं के लिए बाहरी लोगों को जिम्मेदार ठहराया। इनमें आंतरिक सिंध और बलूचिस्तान के लोग भी शामिल थे। याकूब ने कहा कि लगभग 4,00,000 ‘पेशेवर’ भिखारी और आपराधिक तत्व रमज़ान और ईद-उल-फितर के दौरान कराची (Beggars In Pakistan) में आते हैं। ऐसे में अब यहां हर दिन करीब 166 मामले क्राइम के आते हैं।
‘मामूली है ये घटनाएं’
गौर करने वाली बात ये है कि कराची (Karachi) की इस हालत को गंभीरता से लेने के बजाय वहां की सत्ता इन घटनाओं को मामूली बता रही है। को लेकर 8 अप्रैल को सिंध के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह ने पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की थी और कहा था कि कराची की अपराध दर बेहद कम है। जबकि यहां पर बाहरी असामाजिक तत्वों ने चुनौतियां बढ़ाई हैं। फिर भी ये बेहद कम है।
अब सवाल उठ रहे हैं कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ (Shahbaz Sharif) की पार्टी PML-N की सरकारें आधे से ज्यादा पाकिस्तान के राज्यों में है लेकिन वहां की जनता को इन भयानक डकैतियों का सामना करना पड़ रहा है। रमजान के पवित्र महीने में वहां इतनी बड़ी संख्या में अपराध हो रहे हैं, बड़ी संख्या में मौतें हो रही हैं, एक पूरे शहर पर 4 लाख भिखारियों ने कब्जा कर रखा हुआ है लेकिन प्रशासन और सरकार के कान में जूं तक नहीं रेंगती। उन्हें ये घटनाएं मामूली दिखाई देती हैं।