
फोटो में ईरान के मिसाइल: प्रेसिडेंट ट्रंप और ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनई (सोर्स: ANI)
US-Iran Tensions: युद्ध के बीच ईरान ने एक बार फिर खौफनाक बयान दिया है। यूएस और इजरायल के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने ऐसे ‘सीक्रेट हथियार’ की बात कही है, जिसने माहौल को और ज्यादा भड़का दिया है।
ईरान की नौसेना के कमांडर शहराम ईरानी ने दावा किया है कि उनका देश जल्द ही एक ऐसा हथियार सामने लाने वाला है, जिससे दुश्मन डरते हैं, उन्हें कहीं हार्ट अटैक नहीं आ जाए। यह उनके बिलकुल पास मौजूद है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में पहले से ही सैन्य टकराव और ब्लॉकेड की स्थिति बनी हुई है। ईरान के इस दावे ने न सिर्फ अमेरिका और इजरायल बल्कि पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। आखिर यह ‘सीक्रेट हथियार’ क्या है, कितना खतरनाक है और क्या इससे हालात और बिगड़ सकते हैं, यही सवाल अब सबके मन में उठ रहे हैं।
ईरान और यूएस के बीच 28 फरवरी से शुरू हुआ युद्ध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। ईरान ने बताया कि दुनिया की सबसे खतरनाक कहे जाने वाली अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन पर सात मिसाइल ऑपरेशन किए। जिसके बाद अमेरिका उस कैरियर से विमान उड़ाने या हवाई ऑपरेशन करने में सक्षम नहीं रहा।
ईरान ने यह भी कहा कि उसने पश्चिम एशिया में अमेरिकी और इजरायल के ठिकानों पर 100 से ज्यादा जवाबी हमले किए हैं। समुद्र में भी ईरान ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है, खासकर होर्मुज स्ट्रेट पर, जो दुनिया के सबसे अहम तेल रास्तों में से एक है। यहां अब जहाजों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और बिना मंजूरी कोई आगे नहीं बढ़ सकता।
ईरान ने अमेरिका पर गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि अमेरिकी फोर्स ने ईरानी जहाजों को गैर-कानूनी तरीके से जब्त किया और क्रू मेंबर्स को बंधक बनाया, जिसे उन्होंने पाइरेसी और होस्टेज-टेकिंग बताया।
इस बीच, ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने मारे गए लोगों का बदला लेने के लिए पूरी ताकत लगाएगा। वहीं, बातचीत के जरिए हालात संभालने की कोशिश भी नाकाम रही है, जिससे इस पूरे इलाके में तनाव और ज्यादा बढ़ गया है।
बता दें ट्रंप के एक बड़े फैसले के बाद यह तनाव और बढ़ गया। ईरान ने प्रस्ताव दिया था कि अगर यूएस अपना नेवल ब्लॉकेड हटा ले, तो वह होर्मुज को फिर से खोल देगा। इससे जहाजों की आवाजाही आसान हो जाती और साथ ही ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बातचीत भी कुछ समय के लिए टल सकती थी। लेकिन ट्रंप ने इस प्रस्ताव को साफ तौर पर ठुकरा दिया। उन्होंने कहा कि ब्लॉकेड बमबारी से ज्यादा असरदार है और आगे हालात ईरान के लिए और भी मुश्किल हो सकते हैं। ट्रंप ने यह भी दोहराया कि ईरान को किसी भी हालत में न्यूक्लियर हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
Updated on:
30 Apr 2026 04:50 pm
Published on:
30 Apr 2026 04:22 pm
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