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Nepal Election: RSP अध्यक्ष रवि लाछिमाने को मिली जीत, बालेन बन सकते हैं अगले PM, नेपाल की ‘त्रिमूर्ति’ का क्या हुआ?

नेपाल में हुए चुनाव में RSP अध्यक्ष रवि लाछिमाने को जीत मिली। साथ ही, उनकी पार्टी दो तिहाई सीटों पर आगे चल रही है, जबकि पूर्व पीएम ओली बालेन शाह से काफी मतो से पीछे चल रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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Mar 07, 2026
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नेपाल के नेता (फोटो-X)

Nepal Elections: शेर बहादुर देउबा, पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' और के.पी. शर्मा ओली, नेपाल की पॉलिटिक्स बीते एक दशक से 8 सितंबर 2025 तक इन्हीं तीनों के ईर्द गिर्द घूमती थी। प्रधानमंत्री की कुर्सी त्रिमूर्ति के लिए म्यूजिकल चेयर की तरह थी। ज्योमेट्री में एक फॉर्मूला है। जब त्रिभुज की दो रेखा मिलती है तो वह तीसरी रेखा से बड़ी हो जाती है। नेपाल की राजनीति में भी कुछ ऐसा ही होता आ रहा था। तीन में से दो नेता गठबंधन कर लेते और सरकार में आ जाते, तीसरा विपक्ष की कुर्सी पर विराजमान हो जाता था।

साल 2015 से 2025 यानि पिछले दस साल में 4 बार केपी शर्मा ओली, 2 बार शेर बहादुर देउबा और 2 बार पुष्प कमल दहल प्रचंड पीएम बने, लेकिन जेन-जेड प्रदर्शन के बाद तस्वीर पूरी तरह बदल गई। 5 मार्च 2026 को हुए चुनाव में पुरानी पार्टियां सिमट गई हैं। RSP बंपर जीत की ओर बढ़ रही है। लगभग दो तिहाई सीटों पर पार्टी आगे चल रही है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता रवि लाछिमाने ने चितवन 2 सीट से जीत दर्ज की है। वहीं, RSP के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बालेन शाह भी झापा 5 सीट से निर्णायक बढ़त ले चुके हैं।

पहली बार साल 2022 में चुने गए थे सांसद

लामिछाने पहली बार 2022 के संसदीय चुनावों में उसी चुनाव क्षेत्र से निचले सदन के लिए चुने गए थे। हालांकि, बाद में नेपाल के सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनकी नागरिकता सर्टिफिकेट को अमान्य घोषित करने के बाद उन्होंने अपना सांसद का दर्जा खो दिया था। 27 जनवरी, 2023 को, कोर्ट ने लामिछाने से उनकी संसदीय सीट छीन ली थी। कोर्ट ने यह फैसला सुनाया कि आरसीपी अध्यक्ष ने अपनी अमेरिकी नागरिकता छोड़ने के बाद नई नागरिकता के लिए दोबारा आवेदन किए बिना चुनाव लड़ने के लिए अपनी पुरानी अमान्य नागरिकता का इस्तेमाल किया था।

165 सीटों में से 95 सीटों पर आगे चल रही RSP

वहीं, रैपर से नेता बने बालेन शाह के साथ उनका गठबंधन एक मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ है। आरएसपी पहले ही 20 सीटें जीत चुकी है और फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट सिस्टम के तहत लड़ी गई 165 सीटों में से 95 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं, RSP के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बालेन शाह पूर्वी नेपाल के झापा-5 में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के खिलाफ रेस में आगे चल रहे हैं।

देउबा नहीं लड़े चुनाव

नेपाल के पांच बार प्रधानमंत्री रहे शेर बहादुर देउबा ने जनवरी 2026 में ही ऐलान कर दिया था कि वह आगामी प्रतिनिधि सभा का चुनाव नहीं लड़ेंगे। उनके निजी सचिव भानु देउबा ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी थी। देउबा 1991 से लगातार दादेलधुरा सीट से सांसद चुने जाते रहे थे। उनकी पार्टी को साल 2026 के आम चुनाव में नेपाली कांग्रेस का प्रदर्शन बुरा रहा है। पार्टी ने महज 5 सीटों पर जीत दर्ज की है।

प्रचंज को मिली जीत, लेकिन पार्टी का प्रदर्शन बहुत बुरा

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के चुनावों में जीत हासिल करने वाले पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों के कुछ टॉप नेताओं में से एक बन गए। उन्‍हें रुकुम ईस्ट-1 से हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए चुना गया है। उन्‍होंने चुनाव में 10,240 वोटों से जीत हासिल की। उनके सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनिफाइड मार्क्सिस्ट-लेनिनिस्ट) (सीपीएन-यूएमएल) के लीलामणि गौतम को 3,462 वोट मिले। हालांकि, उनकी पार्टी का प्रदर्शन निराशजनक रहा है। NCP को महज 2 सीटों पर जीत मिली है।

भारत विरोधी बयान देने वाले ओली चल रहे पीछे

भारत विरोधी बयान देने वाले केपी शर्मा ओली को बालेन शाह के हाथों शिकस्त का सामना करना पड़ सकता है। नेपाल की झापा-5 सीट पर राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के बालेन्द्र शाह मतगणना में मजबूत बढ़त बनाए हुए हैं। उन्हें अब तक 13,654 वोट मिल चुके हैं। वहीं के के. पी. शर्मा ओली को 3,011 वोट मिले हैं। वहीं पार्टी को अब तक सिर्फ 2 सीटों पर जीत मिली है।

Updated on:
07 Mar 2026 01:34 pm
Published on:
07 Mar 2026 01:34 pm