विदेश

US-Iran Conflict: अमेरिका के लिए नई चुनौती? रूस ईरान को दे रहा इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस, रिपोर्ट में दावा

Russia Iran Electronic Intelligence: एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस ईरान को सैटेलाइट और सिग्नल इंटेलिजेंस उपलब्ध करा रहा है। यह जानकारी ऐसे वक्त में आई है जब मॉस्को और तेहरान के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है।
2 min read
Aug 01, 2026
donald trump and benjamin netanyahu
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू। (Photo - ANI)

Middle East Tensions: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है। दोनों देशों द्वारा एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। इस बीच, अमेरिका की चिंता बढ़ाने वाली खबर आई है, जिसमें दावा किया गया है कि रूस ईरान को इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस उपलब्ध करा रहा है। इस मदद के सहारे ईरान अपने एयर डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने में जुटा हुआ है।

अमेरिका की NBC News की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि रूस ईरान को इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस मुहैया करा रहा है, जिसमें सैटेलाइट निगरानी और सिग्नल इंटेलिजेंस शामिल हैं। ऐसे में रूस की मदद से ईरान हवाई अभियानों के दौरान अमेरिकी सैन्य बलों की बेहतर तरीके से पहचान कर सकता है। साथ ही, अमेरिकी निर्मित हथियार प्रणालियों और विमान अभियानों में व्यवधान उत्पन्न करने की क्षमता भी विकसित कर सकता है।अमेरिका और यूरोप के अधिकारियों के हवाले से NBC News ने यह जानकारी दी है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि रूस द्वारा उपलब्ध कराए गए सैटेलाइट डेटा और सिग्नल इंटेलिजेंस से ईरान की सैन्य सुरक्षा को मजबूती मिल रही है। साथ ही, ड्रोन और मिसाइल हमलों की सटीकता बढ़ाने में भी मदद मिल रही है। इससे पहले भी ऐसी खबरें सामने आई थीं कि रूस ने पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य बलों की लोकेशन संबंधी खुफिया जानकारी ईरान के साथ साझा की थी। हालांकि, रूस और ईरान दोनों ने सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि भी नहीं हो सकी है।

मॉस्को और तेहरान के बीच रणनीतिक साझेदारी मजबूत

खास बात यह है कि खुफिया जानकारी साझा किए जाने की ये अटकलें ऐसे समय में सामने आई हैं, जब मॉस्को और तेहरान के बीच रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। इसी वर्ष जनवरी में दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार, ऊर्जा और सुरक्षा सहयोग को लेकर एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। हालांकि, इसमें औपचारिक पारस्परिक रक्षा संधि शामिल नहीं थी।

यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से रूस और ईरान के बीच सैन्य सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। पश्चिमी देशों ने ईरान पर रूस को यूक्रेन युद्ध में इस्तेमाल के लिए ड्रोन और अन्य सैन्य उपकरण उपलब्ध कराने का आरोप लगाया है। हालांकि, दोनों देशों ने इन आरोपों को लगातार खारिज किया है।

इसके अलावा, हाल ही में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरानी सैन्य और परमाणु ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद रूस ने तेहरान के प्रति खुला राजनीतिक समर्थन भी जताया है।

Updated on:
01 Aug 2026 01:55 pm
Published on:
01 Aug 2026 01:55 pm