
यूक्रेन के साथ युद्ध के बीच पोलैंड के लिए जासूसी करने वाले रूसी शख्स को 23 साल जेल की सजा सुनाई गई है। मॉस्को की अदालत ने रूसी नागरिक को जासूसी करने का दोषी ठहराया है।
इस फैसला के बारे में रूस की सुरक्षा एजेंसी 'एफएसबी' ने शुक्रवार को जानकारी दी। बता दें कि यूक्रेन में पूर्ण पैमाने पर युद्ध शुरू होने के बाद रूस में जासूसी के मामले तेजी से बढ़ गए हैं।
अदालतों में आए दिन जासूसी को लेकर फैसले आते हैं, लेकिन विवरण बहुत कम साझा की जाती हैं। ज्यादातर सुनवाई बंद दरवाजों के पीछे होती है क्योंकि राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा होता है।
जिस शख्स को सजा सुनाई गई है, उसकी पहचान 'जॉर्जी पिरोगोव' के रूप में हुई है। उसने पोलैंड को रूसी हथियारों और मिसाइल सिस्टम के बारे में पूरी जानकारी दी थी। ये वही हथियार और सिस्टम हैं जो यूक्रेन युद्ध में इस्तेमाल हो रहे हैं।
एफएसबी के मुताबिक पिरोगोव युद्ध शुरू होने के बाद रूस छोड़कर चला गया था। अप्रैल 2022 में उसने पोलिश खुफिया एजेंसी से संपर्क किया। इसके बाद उसे काम सौंपा गया कि वह गोपनीय जानकारी इकट्ठा करे और भेजे।
रूस के रक्षा उद्योग में भी उसके अच्छे संपर्क थे। उनके जरिए उसने उन लोगों का निजी डाटा हासिल करने की कोशिश की जिनके पास देश के रहस्यों तक पहुंच थी।
इस मामले से एक दिन पहले पोलैंड ने भी एक रूसी व्यक्ति को गिरफ्तार किया। आरोप है कि मॉस्को ने उसे वारसॉ में एक यूक्रेनी-अमेरिकी नागरिक की हत्या के लिए रखा था। दोनों घटनाएं एक साथ आने से यूरोप में जासूसी और साजिशों की चर्चा तेज हो गई है।
रूस में ऐसे मामलों में सजाएं कठोर होती जा रही हैं। सुरक्षा एजेंसियां इन्हें युद्ध के समय देश की सुरक्षा के खिलाफ सीधा हमला मानती हैं। पिरोगोव का मामला भी इसी श्रेणी में आता है।
अदालत ने सबूतों के आधार पर उसे दोषी पाया और लंबी सजा सुनाई। बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच पूर्ण रूप से युद्ध शुरू हुए लगभग 4 साल से अधिक हो गए हैं, लेकिन अब भी इसके रुकने की कोई उम्मीद नहीं है।