Russia Earthquake 2025: रूस के कामचटका क्षेत्र में 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। भूकंप के बाद रूस और अमेरिका के तटीय क्षेत्रों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई है।
Russia Earthquake 2025: रूस के कामचटका क्षेत्र में रविवार को तीन बड़े भूकंप (Russia Earthquake 2025) महसूस किए गए, जिनमें से एक की तीव्रता 7.4 मापी गई। इन भूकंपों के बाद अमेरिकी और रूस के तटीय इलाकों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी। यूएसजीएस (संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण) के मुताबिक, ये भूकंप कामचटका (Kamchatka Earthquake News) की राजधानी पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की के पास, लगभग 140 किलोमीटर (87 मील) दूर आए। तीन भूकंपों का क्रम केवल 32 मिनट के भीतर आया, जिनमें से दो की तीव्रता 6.7 और एक की 7.4 (7.4 Magnitude Earthquake Russia) थी। इससे पहले उसी क्षेत्र में 5.0 तीव्रता का एक और भूकंप महसूस किया गया था।
यूएसजीएस और अमेरिकी राष्ट्रीय सुनामी केंद्र ने सबसे पहले हवाई और रूस के तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की थी, लेकिन कुछ समय बाद हवाई के लिए यह चेतावनी हटा दी गई। कामचटका क्षेत्र प्रशांत महासागर और उत्तरी अमेरिकी टेक्टोनिक प्लेट के मिलन बिंदु पर स्थित है, जिस कारण यहां भूकंपीय गतिविधि ज्यादा होती है। यही कारण है कि इस क्षेत्र को भूकंपीय रूप से "गर्म क्षेत्र" माना जाता है।
कामचटका क्षेत्र के करीब स्थित पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की में 163,152 लोग रहते हैं। यह शहर जापान के उत्तर-पूर्व में और अलास्का के पश्चिम में स्थित है, और भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से जोखिमपूर्ण क्षेत्र में आता है।
यह क्षेत्र लगातार भूकंपों और समुद्री हलचलों का सामना करता है, क्योंकि यह प्रशांत महासागर के "रिंग ऑफ फायर" में स्थित है। यही कारण है कि यहां भूकंप और सुनामी जैसी घटनाएं आम हैं।
कामचटका के निवासी रातोंरात अपने घरों से बाहर निकल आए। सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा कि "धरती बुरी तरह कांप रही थी, हमें लगा कुछ बड़ा होने वाला है।"
एक यूजर ने लिखा: "हमने अपने बच्चों को लेकर तुरंत ऊंची जगहों की ओर भागना शुरू कर दिया।"
भूकंप के बाद तटीय इलाकों के लिए सुनामी अलर्ट जारी हुआ था, जिसे बाद में हवाई के लिए वापस ले लिया गया। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 24 घंटे तक आफ्टरशॉक्स का खतरा बना रहेगा। राहत और बचाव दल अलर्ट मोड में हैं।
गौरतलब है कि इस शहर की आबादी 1.63 लाख से ज़्यादा है, और यह प्रशांत महासागर के बिलकुल सामने स्थित है। स्कूलों को बंद कर दिया गया है और कई इलाकों में बिजली बाधित है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, कुछ सड़कों में दरारें भी देखी गई हैं।
कामचटका क्षेत्र 'रिंग ऑफ फायर' का हिस्सा है, जहां दुनिया के सबसे ज़्यादा भूकंप आते हैं। यह इलाका प्रशांत और नॉर्थ अमेरिकन टेक्टोनिक प्लेटों के जंक्शन पर स्थित है, जिससे यह हमेशा एक्टिव रहता है।
हमने इस विषय पर भारत के भूकंप वैज्ञानिक डॉ. नितिन शर्मा से संपर्क किया। उन्होंने कहा, 7.4 तीव्रता का भूकंप बहुत शक्तिशाली होता है। इस क्षेत्र में ज़मीन के नीचे प्लेटों की टकराहट से इतनी ऊर्जा निकलती है कि समुद्री लहरें भी ऊंची उठ सकती हैं। अगले कुछ दिनों तक निगरानी रखना ज़रूरी है।