रूस ने यूक्रेन पर फिर से बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। रूसी सेना ने कई यूक्रेनी सैन्य ठिकानों और गैस प्लांटों को निशाना बनाया है। हमले में लगभग 35 मिसाइलें दागी गईं, जिससे गंभीर नुकसान हुआ है। यूक्रेन की ऊर्जा कंपनी ने इसे गैस प्लांटों पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बताया है।
रूस ने फिर यूक्रेन पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं। रूसी सेना ने कई यूक्रेनी सैन्य ठिकानों और गैस प्लांटों को निशाना बनाया है। रूसी रक्षा मंत्रालय की ओर से हमले को लेकर आधिकारिक बयान जारी किया है।
बताया गया कि रात भर विभिन्न जगहों से यूक्रेन पर मिसाइलें और लंबी दूरी के ड्रोन दागे गए, जिन्होंने सभी निर्धारित लक्ष्यों को निशाना बनाया।
उधर, यूक्रेन की सरकारी ऊर्जा कंपनी, नैफ्टोगैज ने इस हमले को देश में गैस प्लांटों पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बताया है।
कंपनी ने कहा कि रूसी हमलों से गंभीर नुकसान हुआ है। वहीं, रूस की तरफ से बताया गया कि खार्किव और पोल्टावा क्षेत्रों में स्थित गैस स्थलों पर लगभग 35 मिसाइलें दागी गईं।
इससे पहले, 7 सितंबर को रूस ने यूक्रेन पर सबसे बड़ा हवाई हमला किया था। जिसमें 800 से अधिक ड्रोन एकसाथ छोड़े गए थे। पहली बार कीव की एक सरकारी इमारत पर हमला किया गया।
यूक्रेन की राजधानी में कई आवासीय इमारतों को रूसी ड्रोन से अपना निशाना बनाया। जिसमें दो लोग मारे गए। यूक्रेन में लगभग 11 घंटे तक हवाई हमले का सायरन बजता रहा।
यूक्रेनी वायु सेना ने बताया कि रूस ने कुल 810 ड्रोन, चार बैलिस्टिक मिसाइलें और नौ क्रूज मिसाइलें दागीं। हालांकि, ज्यादातर ड्रोन हवाई सुरक्षा बलों द्वारा मार गिराए गए, लेकिन 54 ड्रोन और नौ मिसाइलों ने यूक्रेन के विभिन्न ठिकानों पर निशाना साधा।
इसपर यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने प्रतिक्रिया भी दी थी। इस हमले को 'घृणित' बताते हुए कहा कि ऐसी हत्याएं जानबूझकर किया गया अपराध है और रूस बी युद्ध को लम्बा खींच रहा है।
जेलेंस्की ने कहा कि दुनिया क्रेमलिन के अपराधियों से हत्याएं बंद करवा सकती है, बस हमें राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है। बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध लगभग साढ़े तीन साल से जारी है, जिसकी शुरुआत 24 फरवरी 2022 को हुई थी।
यह संघर्ष तब शुरू हुआ जब रूस ने यूक्रेन पर हमला किया, जिसके पीछे की वजह यूक्रेन का नाटो देशों के साथ जुड़ने की कोशिश करना था। रूस इसको अपनी सुरक्षा के लिए खतरा मानता है।