Iran-US Agreement: ईरान-अमेरिका के बीच सीज़फायर चल रहा है। 2 हफ्ते के इस सीज़फायर में कुछ दिन बाकी हैं। हाल ही में ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान में हुई शांति-वार्ता विफल होने के बाद युद्ध के फिर से शुरू होने का खतरा फिर बढ़ गया है। इसी बीच अब दोनों देशों के बीच समझौता कराने के लिए रूस फिर आगे आया है।
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच पाकिस्तान (Pakistan) के इस्लामाबाद (Islamabad) में हुई शांति-वार्ता का पहला दौर विफल रहने के बाद अब जल्द ही दोनों देशों के बीच शांति-वार्ता का दूसरा दौर शुरू हो सकता है। समझौता नहीं होने पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के आदेश पर नेवी ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को ब्लॉक करना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि शांति-वार्ता में दोनों देशों के बीच ईरान के परमाणु प्रोग्राम पर सहमति नहीं बनी। ईरान ने अपने परमाणु प्रोग्राम को 5 साल के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव दिया है, जबकि अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु प्रोग्राम को 20 साल के लिए निलंबित करें। इसके साथ ही अन्य कई प्रतिबंध भी जुड़े हैं, जैसे ईरान के पास मौजूद उच्च संवर्धित यूरेनियम स्टॉक को विदेश भेजना और परमाणु हथियार बनाने की क्षमता को पूरी तरह रोकना। ऐसे में अब दोनों देशों के बीच समझौते के लिए रूस (Russia) फिर आगे आया है।
अमेरिका चाहता है कि ईरान का यूरेनियम विदेश भेजा जाए। ऐसे में रूस ने एक बार फिर ईरान के यूरेनियम को लेने का प्रस्ताव दिया है। क्रेमलिन की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि मिडिल ईस्ट में शांति के लिए ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते के तहत रूस ईरानी यूरेनियम लेने के लिए तैयार है।
गौरतलब है कि रूस पहले भी यह प्रस्ताव दे चुका है। रूस (Russia) के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) की तरफ से पहले भी ईरान के यूरेनियम को रूस स्थानांतरित करने का प्रस्ताव दिया गया था, जिससे युद्धविराम संभव हो सके। हालांकि ट्रंप ने उनके इस प्रस्ताव को मानने से इनकार कर दिया था। हालांकि रूस के नए प्रस्ताव पर अभी तक अमेरिका की तरफ से प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।