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ईरान के परमाणु प्लांट में फंसे 200 रूसी इंजीनियर, क्या कर रहे थे? अब अमेरिका-इजराइल से पुतिन को आस!

रूस ईरान के बुशेहर न्यूक्लियर पावर प्लांट में फंसे अपने कई कर्मचारियों को निकालने की तैयारी कर रहा है। युद्ध के कारण सुरक्षा को देखते हुए रूस अमेरिका और इजराइल से अपील करेगा कि निकासी के दौरान सीजफायर (युद्धविराम) बना रहे।

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Apr 02, 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन। (फोटो- The Washington Post)

युद्ध के चलते ईरान के न्यूक्लियर प्लांट में रूस के कई कर्मचारी फंसे हुए हैं। अब खबर है कि रूस अपने लोगों को ईरान से निकालने की तैयारी कर रहा है।

अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते रूस, अमेरिका और इजराइल से यह सुनिश्चित करने के लिए कहेगा कि जब वह ईरान के बुशेहर न्यूक्लियर पावर प्लांट से अपने कर्मचारियों को निकाल रहा हो, तो उस दौरान सीजफायर (युद्धविराम) बना रहे।

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रूसी कंपनी ने क्या कहा?

रूस की सरकारी न्यूक्लियर कंपनी 'रोसएटम' के प्रमुख अलेक्सी लिखाचेव ने कहा- जिन रास्तों से रूसी लोगों को लाया जाएगा, उसकी जानकारी इजराइल और अमेरिका के संबंधित अधिकारियों को दी जाएगी।

उन्होंने आगे कहा- हम सभी माध्यमों का उपयोग करके यह अनुरोध करेंगे कि हमारे काफिले की आवाजाही के दौरान सीजफायर का सख्ती से पालन किया जाए।

200 लोगों को वापस लाने की तैयारी

लिखाचेव ने यह भी बताया कि लगभग 200 लोगों को ईरान से रूस लाया जाना है। उन्हें वापस लाने के लिए संभावित रूप से अगले सप्ताह का समय निर्धारित किया गया है।

दरअसल, रूस ने बुशेहर में ईरान का न्यूक्लियर रिएक्टर बनाया था। रोसएटम के कर्मचारी वहां अतिरिक्त यूनिटों के निर्माण पर काम कर रहे हैं।

सऊदी अरब के प्रिंस से पुतिन की बातचीत

उधर, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ आज फोन पर बातचीत भी की। इस दौरान पुतिन ने मध्य-पूर्व में चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए राजनीतिक और कूटनीतिक कोशिशों को तेज करने की अपील की है।

क्रेमलिन ने इस बातचीत के बारे में जानकारी देते हुए बताया- दोनों पक्षों ने दुश्मनी को जल्द से जल्द खत्म करने और इस संघर्ष का लंबे समय तक चलने वाला हल निकालने के लिए राजनीतिक और कूटनीतिक कोशिशों को तेज करने की जरूरत पर जोर दिया।

पुतिन और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस ने इस बात पर भी जोर दिया कि इस संकट के कारण ऊर्जा उत्पादन और परिवहन में आ रही समस्याओं का वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर बुरा असर पड़ रहा है।

यूक्रेन से सऊदी अरब का समझौता

यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब यूक्रेन ने सऊदी अरब के साथ एक हवाई सुरक्षा समझौता किया है। वहीं, सऊदी अरब जैसा खाड़ी देश भी ईरानी ड्रोन हमलों से जूझ रहा है।

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