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रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच साइबर हमला, दोनों देशों के इमरजेंसी सिस्टम हैक, लोगों तक पहुंचीं फर्जी चेतावनियां

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच दोनों देशों के इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम पर साइबर हमला हुआ। यूक्रेन में केमिकल और रेडिएशन खतरे के फर्जी अलर्ट भेजे गए, जबकि रूस के सरकारी ऐप से भी गलत जानकारी फैलाई गई।
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Updated: 2 Nov 2026, 8:30 AM IST
Cyber Attack
रूस और यूक्रेन के इमरजेंसी सिस्टम पर साइबर हमला (फोटो सोर्स- ANI)

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच अब साइबर हमलों ने नई चिंता बढ़ा दी है। यूक्रेन के एयर रेड अलर्ट सिस्टम को हैक कर लोगों के मोबाइल पर रासायनिक और रेडिएशन खतरे की फर्जी चेतावनियां भेजी गई। वहीं, रूस के आपातकालीन मंत्रालय का मोबाइल ऐप भी साइबर हमले का शिकार हुआ, जिसके जरिए लोगों तक गलत जानकारी पहुंचाई गई।

यूक्रेन में एयर रेड और लाउडस्पीकर सिस्टम हैक

फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन के एयर रेड अलर्ट सिस्टम को हैक कर लिया गया। हैकर्स ने देश के नागरिकों के मोबाइल फोन पर रासायनिक और रेडिएशन के कथित खतरों से जुड़ी झूठी चेतावनी के संदेश भेज दिए। इतना ही नहीं, राजधानी कीव की सड़कों पर लगे लाउडस्पीकर अलर्ट सिस्टम को भी हैक कर लिया गया, जिससे नागरिकों में कुछ समय के लिए डर का माहौल बन गया। हालांकि, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यूक्रेन की वायुसेना ने तुरंत मोर्चा संभाला। वायुसेना ने टेलीग्राम पर स्पष्ट किया कि रेडिएशन का कोई खतरा नहीं है, लोग शांत रहें और अफवाहों पर ध्यान न दें। इसके बाद देश के डिजिटल परिवर्तन मंत्रालय ने भी बयान जारी कर बताया कि देश का मुख्य अलर्ट सिस्टम सामान्य रूप से काम कर रहा है और सभी प्रशासनिक सिग्नल सुरक्षित हैं।

रूस का इमरजेंसी ऐप भी बना साइबर हमले का निशाना

दूसरी तरफ रूस में भी इसी तरह की साइबर हमले की घटना सामने आई। रूस के आपातकालीन स्थिति मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर माना है कि उनके मोबाइल ऐप पर बड़ा साइबर हमला हुआ है। हमलावरों ने इस ऐप का इस्तेमाल करके आम जनता के बीच सुरक्षा से जुड़े फर्जी और भ्रामक संदेश प्रसारित कर दिए। रूसी मीडिया एजेंसी TASS के अनुसार, मंत्रालय ने कहा कि ऐप की सुरक्षा में आई तकनीकी खामी को ठीक करने और सिस्टम को पूरी तरह सुरक्षित करने के प्रयास तेजी से किए जा रहे हैं।

जेलेंस्की की अपील और मेलानिया ट्रंप का बयान

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब युद्ध को रोकने के लिए कूटनीतिक कोशिशें भी चल रही हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपील की है कि यदि वैश्विक ऊर्जा कीमतों पर युद्ध के असर को रोकना है, तो ऊर्जा क्षेत्र में युद्धविराम पर विचार किया जाना चाहिए।
वहीं दूसरी तरफ, मानवीय प्रयासों के तहत अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने हाल ही में यूक्रेन के खेरसॉन क्षेत्र के ओलेश्की में पांच दिन के मानवीय युद्धविराम (जो 1 नवंबर को समाप्त हुआ) के दौरान मॉस्को और कीव के सहयोग की सराहना की है। इस अभियान के तहत करीब 800 लोगों को सुरक्षित निकाला गया और जरूरी राहत सामग्री पहुंचाई गई।

Updated on:
2 Nov 2026, 8:30 AM IST
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