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‘हम भी कर रहे जासूसी, और उनसे बेहतर करते हैं’: चीन-रूस पर बोले डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका में दो चीनी जासूसों को जेल

अमेरिका के आयोवा में एक चुनावी रैली के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका भी चीन और रूस के खिलाफ जासूसी करता है और उनसे बेहतर करता है। हाल ही में अमेरिकी सेना की जासूसी के आरोप में दो चीनी नागरिकों को सजा हुई है।
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भारत

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Anand Shekhar

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Updated: 2 Nov 2026, 6:54 AM IST

Donald Trump news

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फोटो-- ANI)

Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका भी चीन और रूस के खिलाफ जासूसी करता है और वह अपने प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर तरीके से ऐसा करता है। उन्होंने यह बात मंगलवार को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म इलेक्शन से पहले आयोवा में रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए आयोजित एक रैली के दौरान कही। अमेरिका के खिलाफ चीन की जासूसी को लेकर जताई जा रही चिंताओं पर ट्रंप ने कहा कि वाशिंगटन भी बीजिंग और मास्को पर कड़ी नजर रखता है।

क्या बोले डोनाल्ड ट्रंप

डोनाल्ड ट्रंप ने रैली के मंच से कहा, "किसी ने मुझसे कहा कि सर, चीन हमारी जासूसी कर रहा है। तो मैंने कहा, हां हम भी उनकी जासूसी कर रहे हैं। इसकी चिंता मत करो। फिर उन्होंने कहा कि लेकिन यह तो बहुत बुरी बात है कि चीन और रूस हमारी जासूसी कर रहे हैं सर। तो मैंने उनसे कहा कि यह सच है, लेकिन हम भी उन पर नजर रख रहे हैं और हम यह काम उनसे कहीं बेहतर करते हैं, इसलिए बिल्कुल चिंता मत करो।"

चीन के लिए जासूसी करने पर 2 नागरिकों को जेल

ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां ​​अमेरिका के भीतर चीनी खुफिया एजेंसियों को लेकर बेहद चिंतित हैं। हाल ही में 30 अक्टूबर को अमेरिकी न्याय विभाग ने दो चीनी नागरिकों 40 वर्षीय लिरेन रयान लाई और 39 वर्षीय युआन चेन को 30-30 महीने की जेल की सजा सुनाई है। दोनों पर अमेरिकी सेना के बारे में खुफिया जानकारी जुटाने की साजिश रचने का आरोप था। जांच एजेंसियों के अनुसार, ये दोनों व्यक्ति अमेरिकी अटॉर्नी जनरल को सूचित किए बिना सीधे तौर पर चीनी सरकार के एजेंट के रूप में काम कर रहे थे।

अमेरिकी सैन्य ठिकानों की जुटा रहे तह तस्वीर

जांच में यह भी सामने आया कि इन दो चीनी नागरिकों ने वाशिंगटन के ब्रेमर्टन में नौसैनिक ठिकानों, भर्ती केंद्रों और दक्षिणी कैलिफोर्निया में नौसैनिक कर्मियों की तस्वीरें और वीडियो जुटाए थे। वे अमेरिकी नौसेना के कर्मियों के बारे में व्यक्तिगत जानकारी भी इकट्ठा कर रहे थे, ताकि भविष्य में उन्हें जासूसी के लिए भर्ती किया जा सके।

कैलिफोर्निया में डेड ड्रॉप के जरिए नकद लेन-देन

FBI और अमेरिकी न्याय विभाग के दस्तावेजों के मुताबिक, ये दोनों आरोपी चीन के मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट सिक्योरिटी (MSS) के निर्देश पर काम कर रहे थे। उन्होंने संवेदनशील जानकारी के बदले कैश देने का लालच देकर अमेरिकी सेना के भीतर से जासूसों को भर्ती करने की कोशिश की।

अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों से पता चला कि जनवरी 2022 में कैलिफोर्निया के लिवरमोर में एक मनोरंजन केंद्र के लॉकर में डेड ड्रॉप के जरिए 10,000 डॉलर का गुप्त भुगतान किया गया था। इसके अलावा मई 2025 में फीनिक्स में 20,000 डॉलर का एक और लेनदेन हुआ।