
होर्मुज नहीं खोला तो अमेरिका अपनाएगा दूसरा रास्ता! ईरान को कड़ी चेतावनी,Photo- ChatGpt
US Iran Tensions: अमेरिका ने ईरान को चेतावनी दी है कि, उसे दुनिया की इकॉनमी को "बंधक" बनाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। अमेरिका ने कहा कि वॉशिंगटन डिप्लोमैटिक बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अगर जरूरी होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री ट्रैफिक नॉर्मल नहीं होता है, तो वह दूसरा रास्ता अपनाने को तैयार है।
रविवार को बहरीन में मनामा डायलॉग सिक्योरिटी फोरम को संबोधित करते हुए, नियर ईस्टर्न अफेयर्स के लिए US असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ स्टेट डोनाल्ड ब्लोम ने कहा कि डिप्लोमैटिक रास्ते मौजूद हैं, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका की सहनशीलता की कोई सीमा नहीं है।
तेहरान ने ओमान के साथ बातचीत में बनाए गए होर्मुज स्ट्रेट में एक नए शिपिंग रूट को फॉर्मल मान्यता देने और बाकी सभी रूट बंद करने की भी मांग की है। इसकी मांगों में सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करना, खासकर लेबनान पर इजराइल के हमले खत्म करना शामिल है।
यह डिप्लोमैटिक बातचीत US वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस की तरफ से कतरी मीडिएटर्स के ज़रिए रेजाई को एक लेटर भेजे जाने के बाद हुई है। इससे पहले, रेजाई ने कहा था कि वॉशिंगटन ने बातचीत में "पूरी तरह से टोन बदल दिया है", इसे ईरान के लिए एक पॉजिटिव संकेत बताया।
अल जज़ीरा के मुताबिक, रेज़ाई ने स्टेट ब्रॉडकास्टर IRIB से कहा, "उनका टोन पूरी तरह से बदल गया है, जो एक अच्छा संकेत है जो दिखाता है कि हमारे लोगों ने अपनी जीत पक्की कर ली है।" इससे पहले, US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान बातचीत करना चाहता है, उन्होंने कहा, "बातचीत हो रही है, वे बात करना चाहते हैं, वे बात करते रहते हैं।"
अल जजीरा ने ब्लोम के हवाले से कहा, "बातचीत का हाथ बढ़ाया गया है और वे रास्ते खुले और एक्टिव रहे हैं। साथ ही, हम दूसरी दिशा में जाने के लिए भी तैयार हैं। हम ईरान को इस इलाके और दुनिया की इकॉनमी को बंधक बनाने की इजाजत नहीं दे सकते।" इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अगर अमेरिका तेहरान की शर्तें मानता है, तो दो दिनों के अंदर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के प्रस्ताव पर कतर के मध्यस्थों के साथ बातचीत चल रही है।
अराघची ने कहा कि कतर की तरफ से बातचीत के बाद स्ट्रेटेजिक जलमार्ग को फिर से खोलने के प्रस्तावित लागू करने के समय को पांच दिन से घटाकर दो दिन कर दिया गया है। अराघची ने कहा, "कतर की तरफ से ईरानी प्रस्ताव को लागू करने के समय को घटाकर पांच दिन करने का प्रस्ताव रखा गया। हम इस स्टेज पर एक ऐसे प्रस्ताव पर पहुंचे हैं जो लागू करने के समय को घटाकर दो दिन कर देता है।"
तेहरान की मांगों को बताते हुए, ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि उनमें इस्लामाबाद मेमोरेंडम के बाद लगाए गए बैन हटाना, इलाके में अमेरिकी मिलिट्री फोर्स कम करना, तेल छूट बहाल करना और जमा किए गए ईरानी फंड जारी करना शामिल है।
Updated on:
1 Nov 2026, 8:24 PM IST
Published on:
1 Nov 2026, 7:56 PM IST
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