
Odessa Port Missile Attack: रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग में चार निर्दोष भारतीयों की जान चली गई है। यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से निकल रहे एक मालवाहक (कमर्शियल) जहाज पर मिसाइल से हमला हुआ, जिसमें चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई जबकि एक अन्य भारतीय गंभीर रूप से घायल है। इस घटना से भारत सरकार बेहद गुस्से में है। भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने मंगलवार को रूस के कार्यवाहक राजदूत व्लादिमीर लादानोव को अपने दफ्तर तलब किया। भारत ने इस घटना पर अपनी गहरी चिंता जताते हुए कड़े शब्दों में हमले की निंदा की है और साफ कहा है कि निर्दोष नागरिकों की जान लेना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यह घटना रविवार (19 जुलाई 2026) की शाम को हुई। 'MV Golden Leo' नाम का एक व्यापारिक जहाज यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से अनाज लादकर रवाना हो रहा था। इस जहाज पर गिनी-बिसाऊ देश का झंडा लगा हुआ था। यूक्रेन की नौसेना का आरोप है कि जब यह जहाज युद्ध वाले इलाके से बाहर निकल रहा था, तभी रूस ने इस पर तीन खतरनाक Kh-59/Kh-69 क्रूज मिसाइलों से हमला कर दिया। मिसाइल जहाज के दाहिने हिस्से (स्टारबोर्ड) पर जा लगी, जिससे जहाज में भीषण आग लग गई।
घटना के वक्त जहाज पर कुल 17 क्रू मेंबर्स सवार थे, जिनमें से 5 भारतीय नागरिक थे। इस हमले में 4 भारतीयों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 1 भारतीय नागरिक गंभीर रूप से घायल है, जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना के तुरंत बाद समुद्री खोज एवं बचाव दलों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर आग पर काबू पाया।
इस घटना के बाद भारत का विदेश मंत्रालय तुरंत एक्शन में आया। रूसी राजनयिक व्लादिमीर लादानोव को विदेश मंत्रालय के दफ्तर बुलाकर भारत ने कड़े शब्दों में अपनी आपत्ति जताई। विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा और स्थिरता को खतरे में डालता है। रूसी कार्यवाहक राजदूत से कहा गया है कि वे भारत की इस गंभीर चिंता को तुरंत रूस सरकार तक पहुंचाएं। निर्दोष नागरिकों की जान जाना पूरी तरह अस्वीकार्य है।
भारत सरकार ने इस हादसे में जान गंवाने वाले भारतीयों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि यूक्रेन में मौजूद भारतीय दूतावास (Mission) लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और घायल भारतीय के साथ-साथ सभी प्रभावित लोगों को पूरी मदद दी जा रही है। भारत ने दुनिया के सामने एक बार फिर कहा कि समुद्र में व्यापार करने वाले जहाजों को सुरक्षा मिलना बेहद जरूरी है।