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अब मक्का पर हमले की कोशिश, सऊदी अरब ने हवा में ही मार गिराया हूती ड्रोन, कहा- ये रेड लाइन है

Iran War Latest Update: ईरान युद्ध अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान समर्थित हूतियों ने मक्का पर हमले की कोशिश की है।
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भारत

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Mukul Kumar

Sep 16, 2026

Saudi Arabia Emergency Alert, Mecca Emergency Alert,

मक्का। (फोटो- विकिपीडिया)

Mecca drone attack: मक्का पर हमले की कोशिश के बाद ईरान युद्ध अब बड़ा रूप ले सकता है। हूतियों ने मक्का पर हमले के लिए ड्रोन का इस्तेमाल, जिसे सऊदी अरब ने हवा में ही मार गिराया। माना जा रहा है कि मक्का की पवित्र जमीन के पास ड्रोन भेजना हूतियों के लिए बहुत बड़ी गलती साबित हो सकती है।

इस हमले के बाद सऊदी अरब की अगुवाई वाले सैन्य गठबंधन ने साफ कह दिया है कि मक्का की सुरक्षा उनकी रेड लाइन है। मंगलवार शाम को मक्का के दक्षिण में एक हूती ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया गया, इससे पहले कि वह शहर के ऊपर प्रतिबंधित इलाके में घुस पाता।

मक्का पर यह दूसरा हमला

सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलकी ने कहा कि ये हूतियों का मक्का पर दूसरा हमला है। इससे पहले जुलाई 2017 में उन्होंने बैलिस्टिक मिसाइल दागी थी। पिछले एक हफ्ते में ईरान समर्थित हूती लड़ाकों ने सऊदी अरब पर कई हमले किए हैं।

इससे सऊदी अरब यमन युद्ध में और गहराई से उलझ गया है। मक्का इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है और हर साल हज यात्रा का केंद्र भी। ऐसे में यहां सुरक्षा को लेकर कोई समझौता नहीं हो सकता।

हूती ने हमले से किया इनकार

हालांकि, हूती अधिकारियों ने मक्का को निशाना बनाने से इनकार किया है। हूती राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य मोहम्मद अल-फरह ने इसे पूरी तरह झूठ बताया है। इस हमले के बाद तेल बाजार में भी हलचल तेज हो गई है।

बता दें कि छह महीने से चल रहे अमेरिकी-ईरान युद्ध की वजह से हॉर्मुज स्ट्रेट से जहाज आना-जाना लगभग बंद हो गया है। हूतियों ने यमन के लाल सागर तट के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर लिया है, जहां से बाब अल-मंदब स्ट्रेट गुजरता है। ये दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण शिपिंग रूट्स में से एक है। इससे सऊदी अरब के तेल निर्यात पर खतरा बढ़ गया है।

सऊदी अरब के पाइपलाइन पर हुआ हमला

शुक्रवार को सऊदी अरब के सबसे महत्वपूर्ण तेल पाइपलाइन, ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर हमला हुआ। ये 1200 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन खाड़ी के तेल क्षेत्रों को लाल सागर से जोड़ती है।

हॉर्मुज बंद होने के बाद यही मुख्य निर्यात रास्ता बन गया था। हमले के बाद पाइपलाइन बंद हो गई। व्यापारियों का कहना है कि अगर ये लंबे समय तक बंद रही तो वैश्विक तेल सप्लाई का चार प्रतिशत हिस्सा प्रभावित हो सकता है। सऊदी अरब ने अभी ये नहीं बताया कि यह कब फिर से चालू होगी।

सऊदी अरब ने इस हमले का ठीकरा इराक स्थित एक ईरान समर्थित समूह पर फोड़ा है। बता दें कि सऊदी अरब 2015 से हूतियों से लड़ रहा है। कुछ सालों से युद्ध थम सा गया था, लेकिन इस महीने हूतियों ने यमन सरकार से जुड़े बलों को पीछे धकेल दिया। इससे संघर्ष फिर से शुरू हो गया।