
Russia Ukraine War: रूसी रक्षा मंत्रालय ने काला सागर ब्लैक सी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में सैन्य सामान ले जा रहे एक बल्क कैरियर मालवाहक जहाज और मायकोलाइव बंदरगाह पर खड़े एक अन्य पोत को ड्रोन और मिसाइल हमलों से निशाना बनाए जाने की पुष्टि की है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार मंगलवार को रूसी सेना ने यूक्रेन के कम से कम दो जहाजों पर हमला किया।
इनमें काला सागर (Black Sea) में सैन्य सामान ले जा रहा एक बल्क कैरियर और मायकोलाइव बंदरगाह पर मौजूद एक जहाज शामिल है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि उन्होंने मायकोलाइव बंदरगाह को भी निशाना बनाया।
रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा, लोइटरिंग म्यूनिशन और अटैक ड्रोन से किए गए हमलों के कारण, मायकोलाइव बंदरगाह पर मौजूद उस ट्रांसशिपमेंट कॉम्प्लेक्स की बुनियादी सुविधाओं को नुकसान पहुंचा, जिसका इस्तेमाल सैन्य सामान की डिलीवरी और स्टोरेज के लिए किया जाता था। साथ ही, यूक्रेनी सशस्त्र बलों को सप्लाई के लिए रखे गए ईंधन और लुब्रिकेंट टैंकों पर भी हमले हुए। हमले से मायकोलाइव बंदरगाह को भारी नुकसान होने की खबर है। रूसी हमले में जनहानि की पुष्टि अभी तक यूक्रेन ने नहीं की है।
रूसी सेना ने जलडमरूमध्य (ओडेसा से 11 किमी पूर्व) में, ड्रोन से एक मालवाहक पोत पर हमला किया, जो ओडेसा और चोर्नोमोरस्क बंदरगाहों पर सैन्य सामग्री पहुंचा रहा था। हाल के सप्ताह में रूस और यूक्रेन ने काला सागर और आजोव सागर के आसपास सैन्य गतिविधियां तेज कर दी हैं, जिसमें दोनों पक्षों ने तेल टैंकरों और मालवाहक जहाजों सहित दर्जनों जहाजों पर हमला किया है। रूस ने यूक्रेनी नौसैनिक सुविधाओं को विशेष रूप से दक्षिण में हमले तेज कर दिए हैं। जबकि कीव ने अचानक ड्रोन हमलों पर अधिक निर्भर करना शुरू कर दिया है, जो कई बार रूसी तेल सुविधाओं तक पहुंचने और उन्हें नुकसान पहुंचाने में सफल रहे हैं।
रूस का दावा है कि ये जहाज और बंदरगाह सुविधाएं यूक्रेन के सशस्त्र बलों को सैन्य आपूर्ति पहुंचाने के लिए उपयोग की जा रही थीं। वहीं ब्लैक सी और आजोव सागर के क्षेत्रों में दोनों देशों द्वारा नौवहन और व्यापारिक जहाजों पर हमले काफी तेज होने से समुद्री तनाव में बढ़ोतरी हुई है।