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एस. जयशंकर का बड़ा बयान – ‘रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने में मदद करने के लिए भारत तैयार’

Russia-Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बड़ा बयान दे दिया है। क्या कहा जयशंकर ने? आइए नज़र डालते हैं।
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Sep 03, 2026
S. Jaishankar in Ukraine
एस. जयशंकर (Photo - ANI)

भारत (India) के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) इस समय यूक्रेन (Ukraine) दौरे पर हैं। यह किसी भी भारतीय विदेश मंत्री का पहला यूक्रेन दौरा है। इस दौरान जयशंकर यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे जहाँ यूक्रेनी विदेश मंत्री एंड्र्री सिबिहा (Andrii Sybiha) ने उनका स्वागत किया। साढ़े चार साल से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध (Russia-Ukraine War) के बीच जयशंकर का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है।

रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने में मदद करने के लिए भारत तैयार

कीव में सिबिहा के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में जयशंकर ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने में मदद करने के लिए भारत तैयार है। जयशंकर ने कहा कि इस मामले में अगर भारत किसी भी तरह से मदद कर सकता है, तो करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

अहम मुद्दों पर हुई चर्चा

कीव में जयशंकर और सिबिहा के बीच अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। सिबिहा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "यूक्रेन की यात्रा पर आने वाले पहले भारतीय विदेश मंत्री के तौर पर अपने भारतीय सहयोगी एस. जयशंकर का कीव में स्वागत करना मेरे लिए सम्मान की बात है। यह ऐतिहासिक पल ऐसे समय में आया है जब हमारे शहरों, बंदरगाह के बुनियादी ढांचे और नागरिक जहाजों पर रूस के हमले बढ़ रहे हैं। हमारी राजधानी पर लगातार हमले हो रहे हैं और मैं अपने सहयोगी की इस साहसी यात्रा की सराहना करता हूं।"

"बातचीत के दौरान हमने काला सागर में नेविगेशन की आज़ादी बहाल करने और वैश्विक खाद्य सुरक्षा की ज़रूरत पर चर्चा की। भारत एक वैश्विक शक्ति है और हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के उस आह्वान का स्वागत करते हैं जिसमें उन्होंने अंतहीन युद्ध से हटकर युद्ध को खत्म करने की दिशा में बढ़ने की बात कही है। यूक्रेन कूटनीति के लिए तैयार है।"

"हमने अपने आपसी सहयोग पर भी चर्चा की। बुनियादी ढांचे और फार्मास्युटिकल सेक्टर से लेकर तकनीकी इनोवेशन और डिजिटलीकरण तक, हम अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल करने के लिए तैयार हैं। हम अपनी अगली अंतर-सरकारी आयोग की बैठक बुलाने पर सहमत हुए ताकि बेहतरीन संभावनाओं को आपसी फ़ायदे वाले बड़े प्रोजेक्ट्स में बदला जा सके।"