
Saudi Arabia Alert: यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों के बीच सऊदी अरब में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। सऊदी नागरिक सुरक्षा विभाग ने दक्षिणी हिस्से के चार शहरों नजरान, खमीस मुशैत, जजान और अबहा के लिए संभावित खतरे को लेकर चेतावनी अलर्ट जारी किए। बाद में खमीस मुशैत और अबहा के लिए दोबारा अलर्ट जारी किया गया और फिर उसे हटा लिया गया। ये दोनों शहर यमन की सीमा के करीब स्थित हैं।
सऊदी नागरिक सुरक्षा विभाग ने देश के दक्षिण-पश्चिम और सीमा के पास स्थित चार प्रमुख शहरों नजरान, खमीस मुशैत, जजान और अबहा के लिए अलर्ट जारी किया था। यमन बॉर्डर के करीब होने की वजह से इन इलाकों में हमेशा सुरक्षा का खतरा बना रहता है।
सुरक्षा एजेंसी ने खमीस मुशैत और अबहा शहरों के निवासियों को सतर्क करने के लिए एक ही घंटे के भीतर दो बार चेतावनी जारी की और फिर हालात काबू में देखकर इसे हटा लिया। अधिकारियों के अनुसार, यह सब लोगों की सुरक्षा के लिए उठाया गया एहतियाती कदम था और फिलहाल डरने की कोई बात नहीं है।
यमन के एक बड़े हिस्से और सबसे ज्यादा आबादी वाले इलाकों पर नियंत्रण रखने वाले ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के बीच तनाव जुलाई से काफी बढ़ गया है। हूती विद्रोहियों द्वारा रियाद के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी का ऐलान करने के बाद से ही लाल सागर में सऊदी अरब के जहाजों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है, जिससे इलाके में हवाई और समुद्री सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है।
इराक के विदेश मंत्री फुआद हुसैन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के बीच फोन पर बातचीत हुई। इस दौरान दोनों देशों के आपसी संबंधों, क्षेत्रीय सुरक्षा और यमन में हालिया घटनाक्रम को लेकर चर्चा की गई।
बातचीत में इराक और खाड़ी देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने पर ध्यान दिया गया। दोनों मंत्रियों ने क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विचार साझा किए और यमन के ताजा घटनाक्रम पर भी बात की।
फुआद हुसैन ने इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी की विदेश नीति के रुख को भी सामने रखा। उन्होंने बताया कि बगदाद की प्राथमिकता बातचीत को बनाए रखना और क्षेत्र में शांति व स्थिरता को समर्थन देना है।