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सऊदी अरब की कंपनी अरामको ने होर्मुज संकट का निकाला तोड़, रोज 70 लाख बैरल तेल सप्लाई कर मुनाफा 25% बढ़ाया

Saudi oil exports: होर्मुज संकट और अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सऊदी अरब की अरामको ने ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के जरिए रोज 70 लाख बैरल तेल सप्लाई कर तिमाही मुनाफा 25% बढ़ाया।
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May 10, 2026
Saudi Aramco oil facility and East-West pipeline operations amid Hormuz Strait crisis and rising global oil exports.
वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच अरामको की रणनीति सफल रही। (Photo- IANS)

Hormuz Strait crisis: पश्चिम एशिया में होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच अभी भी तनाव बरकरार है, जिसका असर दुनिया भर के देशों में ऊर्जा संकट के रूप में दिखाई दे रहा है। इसके बावजूद सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको के प्रयासों से वैश्विक तेल बाजारों में ऊर्जा सप्लाई कुछ हद तक सुनिश्चित हुई है। इस संबंध में सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको के प्रेसिडेंट और CEO अमीन एच नासिर ने रविवार को जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि कंपनी की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन दुनिया के बाजारों तक ऊर्जा सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए होर्मुज स्ट्रेट का एक अहम विकल्प साबित हो रही है। यह पाइपलाइन अपनी पूरी क्षमता पर काम कर रही है और इसके जरिए रोजाना 70 लाख बैरल तेल की आपूर्ति की जा रही है। कंपनी इसी पाइपलाइन के माध्यम से अधिक कच्चा तेल लाल सागर तक पहुंचा रही है।

वैश्विक कीमतों में तेजी से भी मुनाफे में वृद्धि

अरामको ने अपने तिमाही मुनाफे में 25 फीसदी की बढ़ोतरी का ऐलान किया। कंपनी ने उस पाइपलाइन के जरिए तेल निर्यात बढ़ाया, जो होर्मुज़ स्ट्रेट को बाईपास करती है। यह तब संभव हुआ, जब ईरान युद्ध के कारण इस अहम जलमार्ग से जहाजों की सामान्य आवाजाही प्रभावित हो गई थी।

सऊदी अरब की इस राष्ट्रीय तेल कंपनी ने 31 मार्च को समाप्त हुई तीन महीनों की अवधि में 32.5 अरब डॉलर का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 26 अरब डॉलर था। वैश्विक तेल कीमतों में तेजी भी मुनाफा बढ़ने की एक बड़ी वजह रही, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई हैं।

अरामको ने क्या कहा?

अरामको के CEO अमीन नासिर ने कहा, 'अरामको का पहली तिमाही का प्रदर्शन जटिल भू-राजनीतिक माहौल में कंपनी की मजबूत लचीलापन क्षमता और ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी को दर्शाता है। हमारी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन, जो अपनी पूरी क्षमता यानी रोजाना 70 लाख बैरल तेल तक पहुंच गई है, एक अहम सप्लाई लाइन साबित हुई है। इसने वैश्विक ऊर्जा संकट के असर को कम करने में मदद की है और होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग से जुड़ी दिक्कतों से प्रभावित ग्राहकों को राहत दी है। CEO अमीन नासिर ने चेतावनी दी कि यदि होर्मुज स्ट्रेट बंद रहता है, तो तेल बाजार में 2027 तक लंबे समय तक उथल-पुथल बनी रह सकती है।

Updated on:
10 May 2026 08:13 pm
Published on:
10 May 2026 08:09 pm