विदेश

Extinct Biblical tree: साइंस का करिश्मा, 1000 साल पुराने बीज से उगा दिया बाइबिल का लुप्त पेड़

Extinct Biblical tree: छह देशों के वैज्ञानिकों को 14 साल लंबे शोध में बड़ी कामयाबी मिली है। उन्होंने 1000 साल पुराने बीज से बाइबिल का लुप्त पेड़ उगा दिया है। आधुनिक दुनिया ने इस प्रजाति की हरियाली अब तक नहीं देखी थी।
3 min read
• •
Updated: 26 Sep 2024, 1:02 PM IST
Extinct Biblical tree
Extinct Biblical tree

Extinct Biblical tree: यरुशलम करीब 14 साल लंबे शोध के बाद वैज्ञानिकों को एक हजार साल पुराने बीज से ऐसा पेड़ उगाने में कामयाबी मिली है, जो काफी पहले विलुप्त हो चुका था। ‘शेबा’ नाम के पेड़ का बाइबिल में जिक्र है, लेकिन आधुनिक दुनिया ने अब तक इस प्रजाति का हरा-भरा पेड़ नहीं देखा था। इजराइल की राजधानी यरुशलम के नेचुरल मेडिसन रिसर्च सेंटर की विशेषज्ञ साराह सेलॉन के नेतृत्व में शोध करने वाली टीम में अमरीका, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, स्विट्जरलैंड, इजराइल और स्वीडन के वैज्ञानिक शामिल थे। कम्युनिकेशन बायोलॉजी जर्नल में छपे एक शोध के अनुसार 1980 के दशक में वैज्ञानिकों को जूडियन रेगिस्तान की एक गुफा में शेबा का बीज मिला था। इस पर 2010 में शोध शुरू किया गया था। वैज्ञानिकों ने बीज का डीएनए चेक करने के बाद इसके केमिकल और रेडियोकार्बन का विश्लेषण किया था। इसके पनपने के सूत्र मिलने के बाद बीज मिट्टी में दबाया गया था। यह अंकुरित हो गया था। फिलहाल पौधे में फूल नहीं आए हैं।

औषधियों के गुणों से भरपूर है पौधे की राल

शोधकर्ताओं के मुताबिक शेबा पेड़ एडी 993 से 1202 के बीच प्राचीन दक्षिणी लेवंट में पाया जाता था। यानी 1031 से 822 साल पहले। इसी इलाके में आज इजराइल, फिलिस्तीन और जॉर्डन हैं। बीज से पौधा विकसित करने के बाद वैज्ञानिक अब पौधे से राल (रेसिन) निकालने की कोशिशों में जुटे हुए हैं। बाइबिल में इस राल को औषधियों गुणों से भरपूर बताया गया है।

प्रजाति का फिलहाल खुलासा नहीं

शेबा किस प्रजाति का पेड़ है, फिलहाल इसका खुलासा नहीं हुआ है। शोध की मुख्य लेखक साराह सेलॉन का कहना है कि सैकड़ों साल पहले ऐतिहासिक क्षेत्र गिलीड में संभवत: शेबा के कई पेड़ रहे होंगे। यह क्षेत्र पूर्वी जॉर्डन में है। बताया जाता है कि प्राचीन काल में शेबा की राल का इस्तेमाल बाम बनाने में किया जाता था।

अंतरराष्ट्रीय शोध टीम

इस शोध का नेतृत्व सारा सेलों ने किया, जो इज़राइल की राजधानी यरूशलम के नेचुरल मेडिसिन रिसर्च सेंटर की विशेषज्ञ हैं। इस टीम में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, स्विट्ज़रलैंड और स्वीडन के वैज्ञानिक शामिल थे। उनके निष्कर्ष जर्नल ऑफ कम्युनिकेशन बायोलॉजी में प्रकाशित हुए हैं। 1980 के दशक में, यह बीज जूडियन रेगिस्तान में एक गुफा में पाया गया था, और इस पर शोध 2010 में शुरू हुआ।

उगने और विकसित होने की प्रक्रिया

टीम ने बीज के DNA, रासायनिक संरचना और रेडियो कार्बन डेटिंग का विश्लेषण किया ताकि इसके उगने के लिए अनुकूल परिस्थितियों का निर्धारण किया जा सके। विकास के लिए उपयुक्त परिस्थितियों का पता लगाने के बाद, बीज को मिट्टी में दबा दिया गया, जिसने सफलतापूर्वक अंकुरण किया। हालांकि, अभी तक पौधे ने फूल नहीं दिए हैं।

रेजिन के औषधीय गुण

शोधकर्ताओं का कहना है कि शेवा पेड़ प्राचीन दक्षिणी लेवेंट में AD 993 से 1202 के बीच पाया गया था, जो वर्तमान में इज़राइल, फिलिस्तीन और जॉर्डन के क्षेत्र में है। बीज से पौधा विकसित करने के बाद, वैज्ञानिक अब पौधे से रेजिन निकालने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे बाइबिल में औषधीय गुणों से भरपूर बताया गया है।

प्रजाति की पहचान नहीं हो पाई

हालांकि, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि शेबा पेड़ किस प्रजाति से संबंधित है। शोध की प्रमुख लेखिका सारा सेलों का कहना है कि इतिहास के गिलियाद क्षेत्र में कई शेवा पेड़ होने चाहिए थे, जो वर्तमान में पूर्वी जॉर्डन में स्थित है। प्राचीन समय में, शेवा के रेजिन का उपयोग बाम बनाने के लिए किया जाता था, जो इसके ऐतिहासिक औषधीय महत्व को दर्शाता है। यह अद्भुत उपलब्धि प्राचीन वनस्पति और इसके संभावित लाभों को समझने के लिए नए रास्ते खोलती है।

Updated on:
26 Sep 2024, 1:02 PM IST
Published on:
Also Read
View All
US Midterm Elections Results: डेमोक्रेट्स की जीत से उत्साहित ओबामा बोले- अब अमेरिका को बांटने नहीं, जोड़ने वाली राजनीति चाहिए

अमेरिकी संसद में डेमोक्रेट्स के बहुमत से भारत को क्या फायदा? बाइडेन के पूर्व सलाहकार बोले- टैरिफ वाला ड्रामा होगा बंद

Donald Trump Reaction: अमेरिका में ट्रंप की सत्ता को बड़ा झटका! सीनेट पर डेमोक्रेट्स का कब्जा, चार राज्यों में पलटी बाजी

US Election Results 2026: अमेरिका में इतिहास की नई इबारत: जॉर्जिया की पहली अश्वेत महिला गवर्नर बनीं कीशा लांस बॉटम्स

US Midterm में भारतीय मूल की पिया दांडिया ने रचा इतिहास, फ्लोरिडा से अमेरिकी संसद पहुंचने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी बनीं