
Sheikh Hasina Dhaka Grenade Attack: बांग्लादेश के इतिहास में 21 अगस्त का दिन एक बेहद दर्दनाक घटना की याद दिलाता है। साल 2004 में इसी दिन ढाका में अवामी लीग की रैली पर ग्रेनेड हमला हुआ था। इस हमले में कई लोगों की जान गई थी। सैकड़ों लोग घायल हुए थे।
हमले की 22वीं बरसी पर बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने उस घटना को याद किया। उन्होंने इसे देश के इतिहास के सबसे ‘क्रूर और शर्मनाक’ अध्यायों में से एक बताया। उन्होंने नई पीढ़ी से इतिहास को बिना भेदभाव के निष्पक्ष तरीके से समझने की अपील भी की।
अवामी लीग के मुताबिक, 21 अगस्त 2004 को ढाका के ‘बंगबंधु एवेन्यू’ में पार्टी की रैली चल रही थी। इसी दौरान वहां ग्रेनेड से हमला किया गया। हमले में अवामी लीग और उससे जुड़े संगठनों के 24 नेता और कार्यकर्ता मारे गए। 300 से ज्यादा लोग घायल हुए। कई घायलों को गंभीर चोटें आईं और कुछ लोग जीवनभर के लिए अपाहिज हो गए।
मृतकों में इवी रहमान भी शामिल थीं। वह उस समय महिला अवामी लीग की प्रमुख थीं। वह बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति जिल्लुर रहमान की पत्नी भी थीं। उस समय विपक्ष की नेता रहीं शेख हसीना भी हमले में बाल-बाल बची थीं। उनके कान में चोट लगी थी। हसीना के मुताबिक, उस चोट का असर आज भी है।
शेख हसीना ने कहा कि इस हमले का मकसद सिर्फ नेताओं को निशाना बनाना नहीं था। उनके मुताबिक, इसके पीछे बांग्लादेश की लोकतांत्रिक राजनीति को खत्म करने की कोशिश थी।
अवामी लीग ने आरोप लगाया कि इस हमले के पीछे तत्कालीन BNP-जमात गठबंधन सरकार से जुड़े तत्वों का हाथ था। पार्टी ने आतंकवादी संगठन हरकत-उल-जिहाद अल-इस्लामी यानी HuJI पर भी आरोप लगाया।
हसीना ने अपने बयान में बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास की कई घटनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में हिंसा और टकराव का दौर पहले भी देखा गया है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को इन घटनाओं को समझना चाहिए। इतिहास को किसी एक पक्ष के नजरिए से नहीं, बल्कि निष्पक्ष तरीके से पढ़ना चाहिए।
शेख हसीना ने अपने बयान में 5 अगस्त 2024 के बाद बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी-विरोधी राजनीतिक एजेंडे से जुड़ी ताकतें फिर से सक्रिय हुई हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया। लेकिन उनकी पार्टी मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद अपने राजनीतिक लक्ष्य से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान के सपने का भी जिक्र किया। हसीना ने एक सेक्युलर, आधुनिक और कल्याणकारी बांग्लादेश बनाने की बात दोहराई।