Domestic Violence: अमेरिका से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है, जहां भारतीय मूल के एक व्यक्ति ने घरेलू विवाद के कारण अपने ही परिवार (Atlanta Shooting) को खत्म कर दिया। इस सामूहिक हत्याकांड (Indian Family Murder US) ने न केवल वहां रह रहे भारतीय समुदाय को सदमे में डाल दिया है, बल्कि […]
Domestic Violence: अमेरिका से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है, जहां भारतीय मूल के एक व्यक्ति ने घरेलू विवाद के कारण अपने ही परिवार (Atlanta Shooting) को खत्म कर दिया। इस सामूहिक हत्याकांड (Indian Family Murder US) ने न केवल वहां रह रहे भारतीय समुदाय को सदमे में डाल दिया है, बल्कि सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 51 वर्षीय आरोपी विजय कुमार को पुलिस ने हिरासत (Vijay Kumar Arrested) में ले लिया है। जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक घटना (Gwinnett County Crime) एक घर के अंदर घटी। आरोपी विजय कुमार का अपनी पत्नी और रिश्तेदारों के साथ किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि विजय ने बंदूक निकाल ली (US Gun Violence) और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।
मीमू डोगरा (43 वर्ष): आरोपी की पत्नी।
गौरव कुमार (33 वर्ष): रिश्तेदार।
निधि चंदर (37 वर्ष): रिश्तेदार।
हरीश चंदर (38 वर्ष): रिश्तेदार।
इस पूरी वारदात में सबसे दिल दहला देने वाला पहलू बच्चों से जुड़ा हुआ है। जिस वक्त विजय कुमार गोलियां बरसा रहा था, घर में तीन बच्चे भी मौजूद थे। अपनी जान बचाने के लिए 12 साल के एक बच्चे ने सूझबूझ दिखाई और अन्य दो बच्चों के साथ बेडरूम की अलमारी (Closet) के अंदर छिप गया। हमलावर पिता की नजर उन पर नहीं पड़ी, जिससे उनकी जान बच गई। पुलिस जब मौके पर पहुँची, तब बच्चे सदमे की हालत में अलमारी से बाहर निकले।
स्थानीय पुलिस विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी विजय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह पूरी तरह से 'डोमेस्टिक वायलेंस' (घरेलू हिंसा) का मामला लग रहा है। पड़ोसियों का कहना है कि यह परिवार काफी शांत दिखता था, लेकिन अंदरूनी कलह इस कदर बढ़ जाएगी, इसका अंदाजा किसी को नहीं था।
आरोपी पर फर्स्ट-डिग्री मर्डर के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या हथियार वैध था और क्या पहले भी पुलिस को इस घर से घरेलू हिंसा की कोई शिकायत मिली थी।
इस घटना पर अमेरिका में रह रहे भारतीय प्रवासियों के बीच गहरा रोष और दुख है। सोशल मीडिया पर लोग इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कैसे आपसी विवाद इतने हिंसक रूप ले रहे हैं। मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि विदेश में अकेलेपन, काम के दबाव और सांस्कृतिक सामंजस्य की कमी के कारण कभी-कभी तनाव इस हद तक बढ़ जाता है कि इंसान हिंसक हो उठता है। बच्चों के मन पर पड़े इस गहरे आघात को लेकर भी लोग चिंता व्यक्त कर रहे हैं।
कानूनी प्रक्रिया: विजय कुमार को जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां उसकी जमानत और सजा पर सुनवाई होगी।
बच्चों का भविष्य: जीवित बचे तीनों बच्चों को फिलहाल 'चाइल्ड प्रोटेक्टिव सर्विसेज' की देखरेख में रखा गया है। उनके अन्य रिश्तेदारों से संपर्क करने की कोशिश की जा रही है ताकि उन्हें सुरक्षित माहौल मिल सके।
काउंसलिंग: बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए विशेष थेरेपी और काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे।
इस घटना का एक अन्य पहलू 'गन कल्चर' और मानसिक स्वास्थ्य का मेल है। अमेरिका में बंदूकों की आसान उपलब्धता और भारतीय परिवारों में मानसिक स्वास्थ्य या घरेलू विवादों को 'निजी मामला' मानकर छिपाने की प्रवृत्ति अक्सर घातक साबित होती है। यदि समय रहते परिवार के सदस्यों या दोस्तों ने विवाद को सुलझाने या पेशेवर मदद लेने की कोशिश की होती, तो शायद इन चार लोगों की जान बचाई जा सकती थी। यह घटना एक चेतावनी है कि घरेलू कलह को कभी भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।