
Indian community target in Singapore: बहुसांस्कृतिक और शांतिपूर्ण समाज की पहचान रखने वाले सिंगापुर को हाल में सोशल मीडिया पर एक संगठित नफरती अभियान का सामना करना पड़ा। फेसबुक, एक्स और यूट्यूब पर प्रसारित 14 पोस्टों में दावा किया गया कि देश भारतीयों के बढ़ते प्रभाव से अपनी सांस्कृतिक पहचान खो रहा है। सिंगापुर सरकार ने इन्हें तुरंत ब्लॉक कराते हुए कहा कि ये पोस्ट भारतीय समुदाय और देश की सामाजिक एकता को निशाना बना रही थीं। इनका स्रोत संभवतः चीन से संचालित ऑनलाइन नेटवर्क थे।
सिंगापुर की घटना कोई अपवाद नहीं है। दुनिया के कई देशों में आर्थिक दबाव, आव्रजन और पहचान की राजनीति के बीच सोशल मीडिया पर किसी एक समुदाय को समस्याओं की वजह बताने का चलन बढ़ा है। भारतीय मूल के लोगों की बढ़ती वैश्विक मौजूदगी और पेशेवर सफलता ने उन्हें भी ऐसे अभियानों का आसान निशाना बना दिया है। कई देश अभी जागरूकता और निगरानी पर जोर दे रहे हैं, लेकिन जर्मनी और सिंगापुर ने कड़े कानूनी मॉडल अपनाए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, सोशल मीडिया एल्गोरिद्म गुस्से, डर और सनसनी पैदा करने वाले कंटेंट को सबसे तेजी से आगे बढ़ाते हैं। ऐसे में किसी समुदाय के खिलाफ भ्रामक या भड़काऊ पोस्ट कम समय में लाखों लोगों तक पहुंच जाती हैं। आर्थिक और सामाजिक असंतोष के दौर में यही सामग्री अक्सर नफरत और ध्रुवीकरण का आधार बन जाती है।