
Kim Jong Un North Korea Missile Test: उत्तर कोरिया ने एक बार फिर अपनी सैन्य गतिविधियों को लेकर दुनिया का ध्यान खींचा है। साउथ कोरिया के अनुसार, उत्तर कोरिया ने गुरुवार को अपने ईस्ट कोस्ट यानी की पूर्वी समुद्री तट से एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल लॉन्च किया है। हालांकि अभी तक हथियार के प्रकार और इसकी दूरी जैसी अहम जानकारियां सामने नहीं आई हैं।
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ ने इस लॉन्च की पुष्टि की है। उत्तर कोरिया की ओर से समय-समय पर किए जाने वाले मिसाइल परीक्षणों को लेकर पहले भी क्षेत्रीय तनाव बढ़ता रहा है। इस नए लॉन्च के बाद एक बार फिर कोरियाई क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
इससे पहले दक्षिण कोरियाई सेना ने उत्तर कोरिया के नॉर्थ प्योंगान प्रांत के जोंगजू क्षेत्र से कई कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों और आर्टिलरी रॉकेटों के लॉन्च का पता लगाया था। ये मिसाइलें पीला सागर की दिशा में दागी गई थीं।
उत्तर कोरिया ने इसी साल मई 2026 में अपनी ताकत दिखाई थी। उसने अपने नए मिसाइल सिस्टम और कई क्रूज मिसाइलों का परीक्षण किया था। इन मिसाइलों को दुश्मन की एयर डिफेंस प्रणाली को चकमा देने में सक्षम बताया गया। तब उत्तर कोरिया ने बताया था कि यह परीक्षण उसकी पांच वर्षीय राष्ट्रीय रक्षा योजना का हिस्सा है। इसका उद्देश्य मिसाइल और तोपखाना बलों को आधुनिक बनाना है।
बता दें परीक्षण के दौरान नई सामरिक क्रूज मिसाइलों की सटीकता, 240 मिमी नियंत्रित रॉकेटों की क्षमता और एआई आधारित गाइडेंस सिस्टम की जांच की गई। किम जोंग उन ने परीक्षण के परिणामों पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया अपनी सैन्य ताकत और तकनीकी क्षमता को लगातार बढ़ाता रहेगा।
रिपोर्ट के अनुसार, नई सामरिक क्रूज मिसाइलों में टेरेन मैपिंग और एआई आधारित टारगेटिंग जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया था। दावा किया गया कि ये मिसाइलें 100 किलोमीटर तक के लक्ष्य को सटीकता से निशाना बना सकती हैं।
वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि बैलिस्टिक मिसाइलों और आर्टिलरी रॉकेटों का एक साथ परीक्षण उत्तर कोरिया की रणनीति को दिखाता है। इससे वह अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन करना चाहता है। यह 2026 में उत्तर कोरिया का आठवां मिसाइल परीक्षण बताया जा रहा है। इससे पहले अप्रैल में भी उसने सामरिक बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया था।
इस बीच दक्षिण कोरिया ने भी अपनी रक्षा तैयारियां तेज कर दी हैं। उसने परमाणु ऊर्जा से चलने वाली पनडुब्बियां विकसित करने की योजना बनाई है। दक्षिण कोरिया का कहना है कि ये पनडुब्बियां उत्तर कोरिया के परमाणु और मिसाइल खतरे से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।