US-Iran War: स्पेन ने ईरान पर हमलों में शामिल अमेरिकी सैन्य विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। वॉशिंगटन ने मोरोन एयर बेस पर B-52 और B-1 बॉम्बर तैनात करने पर विचार किया था, लेकिन मैड्रिड से सलाह-मशविरे के बाद उसने यह योजना छोड़ दी।
Spain Airspace Ban: ईरान के खिलाफ चल रही अमेरिकी-इजरायली सैन्य कार्रवाई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यूरोप से बड़ा कूटनीतिक झटका लगा है। स्पेन ने अमेरिकी युद्धक विमानों और ईरान से जुड़े ऑपरेशन से संबंधित विमानों के लिए अपना एयरस्पेस पूरी तरह बंद कर दिया है। प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने अमेरिका-इजरायल युद्ध की बार-बार आलोचना की है, जबकि ट्रंप ने व्यापारिक जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है।
स्पेन की रक्षा मंत्री मार्गरिटा रोबल्स ने स्पष्ट कहा कि उनके देश ने न केवल रोटा और मोरॉन सैन्य अड्डों का इस्तेमाल मना कर दिया है, बल्कि तीसरे देशों (जैसे ब्रिटेन या फ्रांस) से आने वाले अमेरिकी विमानों को भी स्पेनिश हवाई क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज की सरकार ने इसे अवैध युद्ध करार दिया और कहा कि स्पेन किसी भी देश का गुलाम नहीं बनेगा।
यह फैसला नाटो की एकजुटता पर सवाल खड़ा कर रहा है। स्पेन ने पहले ही इन आधारों पर अमेरिकी टैंकर और फाइटर विमानों को ईरान हमलों के लिए इस्तेमाल करने से इनकार कर दिया था। अब एयरस्पेस बंद होने से अमेरिकी विमानों को लंबा रूट अपनाना पड़ रहा है, जिससे ऑपरेशन की लागत और समय बढ़ गया है।
ट्रंप प्रशासन ने स्पेन पर व्यापारिक प्रतिबंधों की धमकी दी थी, लेकिन मैड्रिड अपनी स्थिति पर अडिग है। स्पेन का कहना है कि यह कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है।
स्पेन की रक्षा मंत्री मार्गरीटा रोबल्स ने मैड्रिड में पत्रकारों से कहा कि हम ईरान में युद्ध से संबंधित कार्रवाइयों के लिए न तो सैन्य ठिकानों के उपयोग को और न ही हवाई क्षेत्र के उपयोग को अधिकृत करते हैं। इस कदम के कारण अमेरिकी सैन्य विमानों को अपना मार्ग बदलना पड़ा, हालांकि आपातकालीन उड़ानों को इससे छूट मिली हुई है।
लेबनानी सेना से संबंधित एक चौकी पर सीधी गोलीबारी हुई है। यह हमला टायर शहर के दक्षिण में एक तटीय राजमार्ग पर हुआ जो इजरायल की सीमा तक जाता है। लेबनानी सेना हिजबुल्लाह और इजरायल के बीच संघर्ष में शामिल नहीं है, इसलिए इसे एक संदेश के रूप में समझा जाना चाहिए।