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होर्मुज में ‘MT काजिमाह III’ पर हमले के बाद ओमान में दूतावास की बड़ी कामयाबी, सभी 5 भारतीय रेस्क्यू

होर्मुज जलडमरूमध्य में कुवैती टैंकर MT काजिमाह III पर प्रोजेक्टाइल लगने के बाद ओमान में भारतीय दूतावास ने सभी 5 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित किनारे पहुंचाया।
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Oct 03, 2026
Strait of Hormuz
होर्मुज में टैंकर पर प्रोजेक्टाइल का हमला, 5 भारतीयों को सुरक्षित निकाला, Photo Source@ANI

Kuwait-Flagged Tanker Attack: ओमान में भारतीय दूतावास ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कुवैत के झंडे वाले एक टैंकर पर एक प्रोजेक्टाइल (मिसाइल या रॉकेट जैसा हथियार) लगने के बाद, उस पर सवार पांच भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रूप से किनारे पर लाया गया। 'X' पर एक पोस्ट में, दूतावास ने कहा कि उसने क्षेत्र में 'MT काजिमाह III' टैंकर पर प्रोजेक्टाइल लगने के बाद उस पर सवार पांच भारतीय नागरिकों को बचाने के काम में मदद की। दूतावास ने बचाव अभियान के दौरान लगातार सहयोग और मदद के लिए ओमान के अधिकारियों का आभार भी व्यक्त किया।

खाड़ी में 4,500 से ज्यादा भारतीय नाविक

यह घटना ऐसे समय हुई है जब भारत फारस की खाड़ी में कमर्शियल जहाजों पर काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर बारीकी से नजर रख रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को बताया कि क्षेत्र में 4,500 से ज्यादा भारतीय नाविक विभिन्न कमर्शियल जहाजों पर मौजूद हैं। इनमें 12 सक्रिय कार्गो जहाजों पर 163 भारतीय नाविक शामिल हैं।

छह भारतीय और छह विदेशी झंडे वाले जहाज

जायसवाल ने कहा कि फारस की खाड़ी में हमारे छह भारतीय झंडे वाले कमर्शियल जहाज हैं। हमारे पास छह विदेशी झंडे वाले जहाज भी हैं जो भारत के लिए कार्गो ले जा रहे हैं। तो कुल 12 जहाज हैं। उन्होंने बताया कि शिपिंग मंत्रालय, भारतीय मिशनों और स्थानीय स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर जहाजों की आवाजाही और नाविकों की भलाई पर नजर रख रहा है। उन्होंने कहा कि, भारत विदेशों में मौजूद अपने नाविक समुदाय की सुरक्षा और भलाई के लिए प्रतिबद्ध हैं।

जयशंकर ने UNGA में जताई थी चिंता

फारस की खाड़ी, लाल सागर और काला सागर जैसे समुद्री रास्तों पर कमर्शियल जहाजों पर लगातार हमले हो रहे हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पिछले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में कहा था कि, भारतीय नाविकों के साथ-साथ दूसरे देशों के नाविकों की भी जान गई है। यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।

23 सहयोगी देशों के साथ गठबंधन

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि भारत, लाइबेरिया और 23 सहयोगी देशों के साथ एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन में शामिल हुआ है, जिसका मकसद वैश्विक जनमत तैयार करना और शिपिंग रूट की सुरक्षा करना है। उन्होंने कहा कि जहाजों और नाविकों की सुरक्षा से कभी समझौता नहीं होना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सख्ती से पालन जरूरी है। उन्होंने खाड़ी में नागरिक क्रू की सुरक्षा, बिना रुकावट ऊर्जा आपूर्ति और वैश्विक व्यापार के लिए तुरंत संयम और तनाव कम करने की अपील भी की।

Updated on:
03 Oct 2026 05:49 am
Published on:
03 Oct 2026 05:49 am