
ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच सीज़फायर खत्म होने की वजह से सिर्फ हमलों का सिलसिला ही शुरू नहीं हुआ, बल्कि होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर भी इसका असर देखने को मिला। अमेरिकी हमलों का बाद जहाँ ईरान ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया, तो वहीँ अमेरिका ने इस रणनीतिक जलमार्ग में एक बार फिर ईरान के खिलाफ नाकेबंदी कर दी। इस वजह से कमर्शियल जहाजों की आवाजाही में काफी परेशानी हो रही है, जिसके कारण कई देश प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि अब होर्मुज स्ट्रेट के विषय में अमेरिका की तरफ से एक बड़ा अपडेट सामने आया है।
होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) ने बड़ा अपडेट दिया है। मीडिया से बातचीत के दौरान बेसेंट ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने पर बातचीत चल रही है और इस विषय में डील आज या कल हो सकती है।
बेसेंट ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना काफी ज़रूरी है और दोनों पक्ष इस बात से वाकिफ हैं और इसी वजह से इस विषय में बीच बातचीत चल रही है। हालांकि ईरानी अधिकारियों ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि दोनों देशों के बीच किसी तरह की बातचीत नहीं चल रही है। अमेरिकी वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच इस डील के होने से संघर्ष में सामान्य स्थिति की ओर बढ़ने की उम्मीद है। बेसेंट ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित डील के तहत “फ्रीडम ऑफ मूवमेंट” यानी कमर्शियल जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित होगी।
बेसेंट से जब यह पूछा गया कि क्या ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रने वाले जहाजों से टोल टैक्स वसूलेगा, तो उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच होने वाली यह डील कमर्शियल जहाजों की स्वतंत्र आवाजाही के लिए होगी। उन्होंने ईरान के टोल टैक्स वसूलने के सवाल को टाल दिया और विषय में विस्तार से कुछ नहीं कहा। गौरतलब है कि होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में से एक है, जहाँ से वैश्विक तेल और गैस बड़ी मात्रा में गुज़रती है और यह सप्लाई बाधित न हो, इसके लिए होर्मुज स्ट्रेट का खुला रहना बेहद ज़रूरी है।