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‘होर्मुज स्ट्रेट बंद कर देंगे अगर अमेरिका ने नहीं हटाई नाकेबंदी’, ईरानी संसद के स्पीकर गालिबफ की चेतावनी

Strait of Hormuz Status: लेबनान में सीज़फायर के ऐलान के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को फिर से पूरी तरह खोलने का ऐलान कर दिया है। हालांकि अब ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने चेतावनी दी है कि वह होर्मुज स्ट्रेट को फिर से बंद कर देंगे। क्या है इस चेतावनी की वजह? आइए नज़र डालते हैं।
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Updated: 12 May 2026, 7:03 AM IST
Mohammad Bagher Ghalibaf
Mohammad Bagher Ghalibaf (Photo - ANI)

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच शांति वार्ता का दूसरा दौर सोमवार को पाकिस्तान के इस्लामाबाद शहर में होगा। दोनों पक्ष युद्ध को पूरी तरह से खत्म करने के लिए स्थायी समझौते पर पहुंचना चाहते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने उम्मीद जताई है कि ईरान से जल्द ही समझौता हो जाएगा और वह इसके काफी करीब हैं। ट्रंप ने 10 दिन के लिए लेबनान में सीज़फायर (Ceasefire Lebanon) का भी ऐलान कर दिया है, जिसके बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को सभी कमर्शियल जहाजों के लिए खोलने का ऐलान कर दिया। लेकिन इसी बीच अब ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ (MB Ghalibaf) ने एक बड़ी चेतावनी दे दी है।

"होर्मुज स्ट्रेट बंद कर देंगे अगर…"

ईरानी संसद के स्पीकर गालिबफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के एक घंटे में 7 दावों को झूठा बताया है, जिनमें ट्रंप ने ईरान के खिलाफ बड़ी जीत हासिल करने, ईरान के यूरेनियम सौंपने पर सहमति जताना, अमेरिका की सभी मांगों को मानने के लिए तैयार होना, होर्मुज स्ट्रेट को खुद खोलने का दावा करना, दोनों देशों के बीच समझौते में अमेरिका की चलना, बातचीत में कोई परेशानी न होना और सभी मुद्दों पर अमेरिका से सहमति जताना है। गालिबफ ने होर्मुज स्ट्रेट का ज़िक्र करते हुए कहा, "अगर अमेरिकी नाकेबंदी नहीं हटी, तो होर्मुज स्ट्रेट खुला नहीं रहेगा और इसे बंद कर दिया जाएगा। होर्मुज स्ट्रेट से आवागमन 'निर्धारित मार्ग' और 'ईरान की अनुमति' के आधार पर किया जाएगा। होर्मुज स्ट्रेट खुला है या बंद है और इसे नियंत्रित करने वाले नियम जमीनी स्तर पर किए गए सर्वेक्षणों के आधार पर तय किए जाएंगे, न कि सोशल मीडिया के आधार पर।"

होर्मुज स्ट्रेट का खुलना दुनिया के लिए बड़ी राहत

होर्मुज स्ट्रेट का खुलना दुनिया के लिए बड़ी राहत है। इसी जलमार्ग से दुनियाभर के कुल तेल का करीब 30% तेल गुज़रता है। ऐसे में इसके खुलने से कमर्शियल जहाजों की आवाजाही फिर से सुचारु रूप से शुरू हो जाएगी और दुनियाभर में चल रहे तेल और गैस संकट से राहत मिलेगी।

Updated on:
12 May 2026, 7:03 AM IST
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