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यूके की संसद में गूंजी पीओके हिंसा के खिलाफ आवाज, पाक फौज की गोलीबारी में मारे गए 40 निर्दोष नागरिक

पीओके में पाक फौज की गोलीबारी में 40 से ज्यादा निर्दोष नागरिकों की मौत पर यूके संसद में उठी आवाज। सांसद लियाम बायर्न और एमनेस्टी इंटरनेशनल ने स्वतंत्र जांच की मांग की...
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PoK Protests

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में विरोध प्रदर्शन। (फोटो: आईएएनएस.)

PoK violence in UK Parliament: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हालात बीते कुछ समय से बेहद तनावपूर्ण है। 27 व 28 जुलाई को 48 घंटे के भीतर पाकिस्तानी फौज की गोलीबारी की वजह से 40 से अधिक निर्दोष नागरिकों की मौत हुई, जबकि सैकड़ों लोग घायल हो गए। इस पर ब्रिटेन की लेबर पार्टी के सांसद लियाम बायर्न का बयान भी सामने आया है।

पाकिस्तान का चेहरा बेनकाब हुआ

PoJK में पाकिस्तानी सेना के अत्याचार को लेकर लियाम बायर्न ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी करना चिंता का विषय है। बायर्न ने PoJK में संचार सुविआधों पर बैन और मानवाधिकार उल्लंघनों को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है। बायर्न ने कहा कि यूके संसद के क्रॉस-पार्टी समूह 'ऑल पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप ऑन कश्मीर' ने दो मांगें रखी हैं। पहली, लंदन में पाकिस्तान के हाई कमीशन से तत्काल बातचीत की जाए और कहा जाए कि इसे रोका जाए। दूसरी, हम अपने विदेश मंत्रालय के मंत्रियों से भी मिलना चाहते हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे पाकिस्तान सरकार के सामने पूरी शिद्दत से अपनी बात रख रहे हैं। यहां जरूरत इस बात की है कि कई साल पहले संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों को लेकर जो वादे किए गए थे उनका सम्मान किया जाए। लेकिन फिलहाल तुरंत हिंसा रुकवानी हमारी प्राथमिकता में है।

'पाक फौज की कार्रवाई की स्वतंत्र जांच हो'

ब्रिटिश सांसद लियाम ने कहा कि हमें तत्काल तनाव कम करने की जरूरत है। इस समय सोच समझकर कदम उठाने की जरूरत है। और सबसे जरूरी, अब कश्मीरियों के मानवाधिकारों का सम्मान होना चाहिए। वहीं, ब्रिटेन के ही एक अन्य सांसद ने कहा कि पीओके में नागरिकों की हत्या त्रासदी से कम नहीं है। उन्होंने पाकिस्तानी फौज की कार्रवाई की जांच की मांग की है।

उन्होंने कहा कि मैं सभी पक्षों से संयम बरतने, नागरिक जीवन की रक्षा करने और शांतिपूर्ण संवाद में शामिल होने का आग्रह करता हूं। स्थायी समाधान केवल शांत, रचनात्मक बातचीत से ही संभव है, न कि हिंसा या तनाव बढ़ाने से। मेरी संवेदनाएं सभी पीड़ितों के साथ है, विशेषकर उन मतदाताओं के साथ जिनके परिवार और प्रियजन इस क्षेत्र में हैं।

PoJK से आ रही परेशान करने वाली रिपोर्ट

इस बीच, मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल की महासचिव एग्नेस कैलामार्ड ने कहा कि पीओके के रावलाकोट से आ रही परेशान करने वाली रिपोर्ट्स प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पाकिस्तान के पुराने गैरकानूनी पैटर्न को ही दर्शाती हैं। उन्होंने पाकिस्तानी अधिकारियों से पीओके में तथाकथित विधानसभा चुनावों के बीच प्रदर्शनकारियों पर घातक बल प्रयोग की रिपोर्ट्स के बाद संचार माध्यमों पर पाबंदियों को हटाने की मांग की। अधिकारियों से क्षेत्र में मीडिया और स्वतंत्र पर्यवेक्षकों को अनुमति देने का भी आग्रह किया।

कैलामार्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सुरक्षा बलों द्वारा बल प्रयोग की तुरंत, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच के आदेश दिए जाने चाहिए। जब तक इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं पर पाबंदियां रहेंगी तब तक जमीन पर स्थिति का सही आकलन नहीं किया जा सकेगा।