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क्या पाकिस्तान के रास्ते ईरान पहुंचेंगे चीन के हथियार? रिपोर्ट पर इस्लामाबाद का आया जवाब

Pakistan on China Iran Weapons: ईरान को चीनी एयर डिफेंस सिस्टम भेजने की रिपोर्ट के बाद पाकिस्तान का बयान सामने आया है। ISPR ने कहा कि ट्रांजिट रूट बनने से जुड़े सभी दावे निराधार और तथ्यहीन हैं।
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Pakistan rejects China-Iran weapons transit claims.

फील्ड मार्श असीम मुनीर (Photo- ANI)

China Iran Weapons: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जारी है। दोनों देश एक दूसरे के सैन्य ठिकानों पर हमले कर रहे हैं। ऐसे में चीन और ईरान के बीच हथियारों के सौदे की खबरों से अमेरिका में हलचल तेज हो गई है। कुछ रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान चीन में निर्मित हथियारों को ईरान तक पहुंचाने के लिए ट्रांजिट मार्ग के रूप में काम करेगा। हालांकि अब पाकिस्तान ने इन रिपोर्ट्स का खंडन किया है।

पाकिस्तानी सेना ने क्या कहा?

पाकिस्तान की सेना की तरफ से कहा गया है कि इस्लामाबाद अपनी विदेश नीति में जहां चीन से करीबी संबंध बनाए हुए है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले अमेरिका साथ अपने रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में प्रयासरत है।

चीन में बने लगभग 400 शोल्डर-फायर्ड एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम (मैनपैड्स) को पाकिस्तान के रास्ते ईरान भेजे जाने की खबरों का पाकिस्तान की सेना ने खारिज किया। इस संबंध में पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने कहा, 'इस तरह की सभी अटकलें निराधार हैं। इनमें कोई सच्चाई नहीं है।' आईएसपीआर ने आगे कहा, 'इन अटकलों को पूरी तरह खारिज किया जाता है।'

रिपोर्ट में क्या किया गया था दावा?

एक रिपोर्ट में दावा किया गया था, ईरान को अगले कुछ सप्ताह में चीन से एयर डिफेंस सिस्टम की पहली खेप मिल सकती है। माना जा रहा है कि अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच तेहरान अपनी हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के लिए रक्षा उपकरणों की खरीद पर जोर दे रहा है।

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि इस खेप की शुरुआत चीन के पश्चिमी शहर उरुमकी से होगी। इसे पाकिस्तान के रास्ते ईरान पहुंचाने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि हथियारों की यह खेप हवाई मार्ग से भेजी जाएगी या फिर जमीनी रास्ते का इस्तेमाल किया जाएगा।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में जारी संघर्षों के कारण अमेरिकी हथियार भंडार पर दबाव बढ़ने की चर्चा हो रही है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन अटकलों को खारिज कर दिया है।

इस बीच, चीन, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने पाकिस्तान की भूमिका को भी सुर्खियों में ला दिया है। एक ओर इस्लामाबाद चीन का करीबी साझेदार है, वहीं दूसरी ओर वह अमेरिका के साथ भी अपने संबंधों को संतुलित बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।