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‘पाकिस्तानी कश्मीर’ लिखने पर भड़का भारत, अमेरिकी अखबार NYT को लगाई कड़ी फटकार, कहा- यह भ्रामक और गलत है

Pakistan Occupied Kashmir: 'पाकिस्तानी कश्मीर' लिखने पर भारत अमेरिकी अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) पर भड़का। भारतीय दूतावास ने कहा- कोई 'पाकिस्तानी कश्मीर' नहीं है, वह भारत का अभिन्न हिस्सा है जिस पर पाकिस्तान ने अवैध कब्जा किया है। पढ़ें पूरी खबर...
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भारत

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Pratiksha Gupta

Jul 30, 2026

New York Times Pakistani Kashmir controversy, Indian Embassy in US, Jammu Kashmir Ladakh integral part of India

PoK को 'पाकिस्तानी कश्मीर' लिखने पर भारत ने NYT की रिपोर्ट को बताया भ्रामक | फोट सोर्स- ANI

India objects NYT Headline: अमेरिका में भारतीय दूतावास ने प्रसिद्ध अमेरिकी अखबार 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' (NYT) की एक रिपोर्ट पर कड़ी आपत्ति जताई है। अखबार ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में चल रहे हिंसक विरोध प्रदर्शनों को लेकर एक खबर छापी थी, जिसकी हेडलाइन में PoK को "पाकिस्तानी कश्मीर" लिखा गया था। भारत ने इस शब्दावली को 'भ्रामक और गलत' बताते हुए साफ किया कि वह क्षेत्र भारत का अभिन्न हिस्सा है, जिस पर पाकिस्तान ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है।

न्यू यॉर्क टाइम्स की किस बात पर हुआ विवाद?

न्यूयॉर्क टाइम्स अखबार ने PoK में चल रहे स्थानीय चुनावों के दौरान भड़की हिंसा को लेकर एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इस रिपोर्ट की हेडलाइन थी कि स्थानीय चुनावों के लिए मतदान शुरू होते ही पाकिस्तानी कश्मीर में झड़पें।
भारत सरकार ने इस हेडलाइन में 'पाकिस्तानी कश्मीर' शब्द के इस्तेमाल को पूरी तरह खारिज कर दिया। अमेरिका में मौजूद भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि @nytimes की हेडलाइन पूरी तरह भ्रामक और गलत है। दुनिया में 'पाकिस्तानी कश्मीर' जैसी कोई जगह नहीं है, केवल 'पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर' (PoK) है।

'जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हमेशा भारत के रहेंगे'

भारतीय दूतावास ने अपने आधिकारिक बयान में भारत का पक्ष मजबूती से रखा। दूतावास ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पूरे केंद्र शासित प्रदेश भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से थे, हैं और हमेशा रहेंगे। पाकिस्तान ने इन क्षेत्रों के कुछ हिस्सों पर जबरन और अवैध कब्जा कर रखा है और अब वह वहां के मासूम लोगों पर अत्याचार कर रहा है।

PoK में क्यों सुलग रही है विरोध की आग?

यह पूरा विवाद तब खड़ा हुआ है जब PoK के मीरपुर, रावलाकोट और मुजफ्फराबाद जैसे इलाकों में हालात बहुत खराब बने हुए हैं। वहां की जनता महंगाई, बिजली संकट, प्रशासनिक उदासीनता, राजनीतिक भेदभाव और बुनियादी अधिकारों के हनन को लेकर सड़कों पर उतरी है।
जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में लोग जब शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने इन प्रदर्शनकारियों पर बर्बरतापूर्वक बल प्रयोग किया। खबरों के मुताबिक, इस हिंसक कार्रवाई में अब तक 30 से अधिक नागरिकों की जान जा चुकी है और 33 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं। मरने वालों में प्रदर्शन कर रहे संगठन के नेताओं के रिश्तेदार भी शामिल हैं।

भारत ने पाकिस्तान के 'शोषण' को किया बेनकाब

भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर कहा कि PoK में जो विद्रोह देखने को मिल रहा है, वह इस्लामाबाद द्वारा पिछले कई सालों से किए जा रहे व्यवस्थित शोषण और प्रशासनिक दमन का सीधा नतीजा है। भारत ने वहां हो रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन की सख्त निंदा की है और कहा है कि पाकिस्तान चुनाव का नाटक रचकर अपने अवैध कब्जे और अत्याचारों को छिपाने की कोशिश कर रहा है।